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अब गुजरात में पेपर लीक हो गया, पेपर लीक रोकने के लिए भाजपा को भगाना ही पड़ेगा- केजरीवाल

By Riya Kumari

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अब गुजरात में पेपर लीक हो गया, पेपर लीक रोकने के लिए भाजपा को भगाना ही पड़ेगा- केजरीवाल

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सोशल संवाद /नई दिल्ली :  देश भर में पेपर लीक के खिलाफ युवाओं का इतना बड़ा आंदोलन होने के बाद भी भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं थम नहीं रही हैं। अब भाजपा शासित गुजरात आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में थर्ड ईयर का पेपर लीक होने पर आम आदमी पार्टी ने कड़ी प्रक्रिया दी है।

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 ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश भर में पेपर लीक के खिलाफ़ इतना बड़ा आंदोलन हुआ। युवाओं ने इतना अत्याचार सहा। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा हुआ। सोमवार को संसद पेपर लीक के खिलाफ एक “सख्त” क़ानून पर चर्चा कर रही है आौर इसी बीच गुजरात में एक और पेपर लीक हो गया। इससे यही निष्कर्ष निकलता है कि यदि पेपर लीक रोकने हैं तो भाजपा को ही भगाना पड़ेगा।

उधर, “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ये पेपर लीकिया सरकारें बन चुकी हैं। पूरे देश में जहां-जहां पर भाजपा है, वहां पर पेपर लीक है। और पेपर लीक इसलिए हो रहा है क्योंकि पेपर लीक कराने वाली कंपनियों के मालिकों से प्रधानमंत्री मोदी और इनके मुख्यमंत्रियों के गहरे रिश्ते हैं। अभी जो ताजा मामला आया है,

वह गुजरात आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय का है जहां पर परीक्षाएं चल रही हैं। वहां थर्ड ईयर में शल्य तंत्र-1 का पेपर लीक हो गया। हजारों बच्चे गुजरात के आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में पढ़ते हैं और थर्ड ईयर के एग्जाम का पेपर पूरे गुजरात के अंदर लीक हो गया। विश्वविद्यालय के जितने कॉलेज हैं, सारी जगह पर पेपर लीक हो गए। 2 अगस्त तक परीक्षाएं चलेंगी, अभी कितने और पेपर लीक होंगे यह कहना मुश्किल है।

संजय सिंह ने कहा कि गुजरात के अंदर पेपर लीकिया सरकार चल रही है। गुजरात में पेपर लीक का एक लंबा इतिहास है। गुजरात की भाजपा की सरकार ने लाखों बच्चों का भविष्य बर्बाद किया है। 2014 में रेवेन्यू तलाठी का पेपर लीक हुआ। 2016-17 में फिर एक बार तलाठी की परीक्षा का पेपर लीक हुआ। 2018 में टेट, लोक रक्षक दल और मुख्य सेविका परीक्षाओं के पेपर लीक हुए। 2019 में सचिवालय के अंदर क्लर्क की भर्ती का पेपर लीक हुआ। 2019-20 में जेएमसी और एई का पेपर लीक हुआ। 2021 में सब ऑडिटर, हेड क्लर्क, एटीडी, पशुधन निरीक्षक और पीएसआई का पेपर लीक हुआ। 2022 में वनरक्षक का पेपर लीक हुआ। 2023 में जूनियर क्लर्क और डमी कांड का पेपर लीक हुआ और 2024 में ऊर्जा कांड का पेपर लीक हुआ।

संजय सिंह ने आगे कहा कि रविवार को मैंने प्रधानमंत्री का तीसरा ‘‘फ्रेंड्स’’ वाला वीडियो देखा। आजकल उन्होंने मीडिया का बहिष्कार कर दिया है, क्योंकि वे समझ गए हैं कि अब रात 8ः00 बजे लाइव आने से काम नहीं चलेगा। इसलिए रात में 12ः00 बजे उठकर वीडियो बना रहे हैं, फिर सुबह और शाम को बना रहे हैं। अभी फिर एक वीडियो आया जिसमें वे कह रहे हैं कि मैं इस देश के छात्रों को बताना चाहता हूं कि जिन लोगों ने पेपर लीक कराया वो जेल में सड़ रहे हैं।

संजय सिंह ने कहा कि मोदी जी भारत के प्रधानमंत्री हैं, इतना सफेद झूठ कैसे बोलते हैं? प्रधानमंत्री की बात को सुनकर शर्म आती है। मोदी और सीबीआई के अनुसार, संजीव मुखिया 2024 के नीट पेपर लीक का मुख्य आरोपी था। उसे जब गिरफ्तार किया गया था तब वह मुख्य आरोपी था और पिछले सप्ताह सीबीआई ने कह दिया कि संजीव मुखिया के खिलाफ कोई सबूत ही नहीं है। प्रधानमंत्री बताएं, कौन जेल में सड़ रहा है? 2024 के नीट पेपर लीक में पकड़े गए लोगों के खिलाफ सीबीआई 90 दिन में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई और पेपर चुराने वालों को जमानत मिल गई।

संजय सिंह ने कहा कि मुख्य आरोपी के खिलाफ सीबीआई ने कह दिया कि सबूत नहीं है और मोदी जी कह रहे हैं कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएंगे। फास्ट ट्रैक कोर्ट बना लो, हवाई कोर्ट बना लो, पाताल कोर्ट बना लो या आकाश कोर्ट बना लो। लेकिन जब कोर्ट के सामने साक्ष्य दोगे तभी तो सजा मिलेगी। मोदी जी की सीबीआई तो कहती है कि सबूत ही नहीं हैं। इसका मतलब है कि पेपर चोरों से भाजपा के गहरे रिश्ते हैं, वैसे ही जैसे प्रभु श्री राम के मंदिर में चंदा चोरों से भाजपा वालों के रिश्ते हैं।

संजय सिंह ने भाजपा और नरेंद्र मोदी से एडुटेस्ट कंपनी के बारे में पूछा कि इस कंपनी के मालिक सुरेश चंद्र आर्य के भाजपा और आरएसएस के लोगों के साथ गहरे रिश्ते हैं। यह कंपनी सिर्फ एक राज्य में नहीं, बल्कि हर राज्य में परीक्षाओं के पेपर लीक कराती है। जब पेपर लीक कराने की घटना में ये लोग पकड़े गए, तो गुजरात में उनको ब्लैक लिस्ट कर दिया गया।

मोदी और भाजपा के मुख्यमंत्रियों की करीबी यह कंपनी गुजरात में ब्लैक लिस्ट हो गई, तो मोदी जी ने कहा कि कोई दिक्कत नहीं, गुजरात में आपने पैसा कमा लिया और नौजवानों का भविष्य बर्बाद कर दिया, अब आप बिहार चले जाओ। बिहार में भी पेपर लीक किया गया। फिर बोला गया कि अच्छा यहां भी ब्लैक लिस्ट हो गए, कोई बात नहीं अब यूपी चले जाओ। फिर यूपी में जाकर इस एडुटेस्ट कंपनी ने पुलिस भर्ती का पेपर लीक किया।

संजय सिंह ने कहा कि भाजपा के नेताओं के गहरे संबंध पेपर लीक करने वाली कंपनियों के साथ हैं। यह कोई हवा-हवाई बात नहीं है। इसके कई प्रमाण मौजूद हैं। इसका मतलब नौजवानों के भविष्य को बर्बाद करके कमाई का हिस्सा भाजपा और उसके नेताओं के पास पहुंच रहा है। इसी कारण एक के बाद एक पेपर लीक हो रहे हैं और पूरी सरकार पेपर लीक कांड में शामिल लोगों को बचाने में लगी है।

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