Responsive Full Width Slider

Smartwatch पहनने से क्या होता है कैंसर का खतरा? जानें एक्सपर्ट्स की राय और पूरी सच्चाई

By Riya Kumari

Published :

Follow
Smartwatch पहनने से क्या होता है कैंसर का खतरा? जानें एक्सपर्ट्स की राय और पूरी सच्चाई

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : आज के समय में Smartwatch और फिटनेस बैंड लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। ये डिवाइस हार्ट रेट, नींद, कदमों की संख्या और कैलोरी जैसी हेल्थ एक्टिविटी को ट्रैक करने में मदद करते हैं। लेकिन इनके बढ़ते इस्तेमाल के साथ एक सवाल भी तेजी से चर्चा में है कि क्या लगातार स्मार्टवॉच पहनने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है?

यह भी पढे : अप्रैल-जून तिमाही में भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड, स्मार्टफोन एक्सपोर्ट 9.84 अरब डॉलर के पार

क्या Smartwatch की रेडिएशन से होता है कैंसर?

विशेषज्ञों के अनुसार Smartwatch में इस्तेमाल होने वाले ब्लूटूथ और वायरलेस सिग्नल नॉन-आयोनाइजिंग रेडिएशन होते हैं। इनकी ऊर्जा इतनी कम होती है कि ये आमतौर पर DNA को नुकसान पहुंचाने वाली रेडिएशन की श्रेणी में नहीं आते। अभी तक वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले हैं कि स्मार्टवॉच पहनने से सीधे कैंसर होता है।

फिर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

हाल के समय में Smartwatch के स्ट्रैप को लेकर भी चर्चा हुई है। कुछ रिसर्च में सिंथेटिक रबर स्ट्रैप में इस्तेमाल होने वाले कुछ केमिकल्स को लेकर चिंता जताई गई है। हालांकि, इससे स्मार्टवॉच पहनने से कैंसर होने का कोई सीधा संबंध अभी तक साबित नहीं हुआ है।

Smartwatch पहनने से हो सकती हैं ये परेशानियां

लंबे समय तक Smartwatch पहनने से कुछ लोगों में सामान्य समस्याएं देखी जा सकती हैं, जैसे:

  • त्वचा पर लाल निशान या जलन
  • खुजली या एलर्जी
  • ज्यादा टाइट स्ट्रैप पहनने से असहजता
  • पसीने के कारण त्वचा संबंधी परेशानी

इन समस्याओं से बचने के लिए समय-समय पर घड़ी उतारकर त्वचा को आराम देना चाहिए।

स्मार्टवॉच इस्तेमाल करते समय रखें ध्यान

  • स्मार्टवॉच को बहुत ज्यादा टाइट न पहनें
  • समय-समय पर स्ट्रैप और त्वचा को साफ करें
  • अगर एलर्जी या जलन हो तो कुछ समय के लिए इस्तेमाल बंद करें
  • हेल्थ डेटा को डॉक्टर की सलाह का विकल्प न मानें

मौजूदा वैज्ञानिक जानकारी के अनुसार स्मार्टवॉच पहनने से कैंसर होने का कोई पक्का प्रमाण नहीं है। हालांकि, किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की तरह इसका इस्तेमाल संतुलित तरीके से करना बेहतर है। स्मार्टवॉच स्वास्थ्य निगरानी में मददगार हो सकती है, लेकिन इसे पूरी तरह मेडिकल जांच का विकल्प नहीं माना जा सकता।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---