सोशल संवाद / डेस्क: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में केंद्र सरकार और भाजपा-RSS पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था देश के युवाओं को रोजगार, शिक्षा और बेहतर अवसरों से दूर कर रही है। राहुल गांधी ने इसे युवाओं के लिए ‘चक्रव्यूह’ बताते हुए कहा कि इस सिस्टम का फायदा कुछ बड़े लोगों को मिल रहा है।

राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के पास देश को आगे ले जाने की क्षमता और डाटा है, लेकिन मौजूदा सिस्टम ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक रखा है। उन्होंने कहा कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद युवाओं को डिग्री तो मिल जाती है, लेकिन रोजगार की गारंटी नहीं मिलती। उन्होंने पेपर लीक और सरकारी भर्तियों में कम चयन का मुद्दा भी उठाया।
‘युवाओं ने अंधेरे में मशाल जलाई’
छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं ने डर का सामना करते हुए सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अंधेरे के बीच मशाल जलाने का काम किया है और यह मशाल अब देश के युवाओं को उनके अधिकारों का रास्ता दिखा रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के मन में नफरत नहीं बल्कि मोहब्बत होनी चाहिए। उन्होंने सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए व्यवस्था में बदलाव की बात कही।
अडानी और भाजपा के बैंक बैलेंस का किया जिक्र
राहुल गांधी ने अपने भाषण में अडानी और भाजपा की आर्थिक स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में अडानी की संपत्ति में काफी बढ़ोतरी हुई है, जबकि भाजपा का बैंक बैलेंस भी कई गुना बढ़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश के शिक्षण संस्थानों और दूसरे संस्थानों में RSS से जुड़े लोगों का प्रभाव बढ़ाया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि इसका असर युवाओं की शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर पड़ रहा है।
रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार आज सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने सरकारी नौकरियों में कम चयन, पेपर लीक और सार्वजनिक उपक्रमों में रोजगार घटने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने दावा किया कि 2014 में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में करीब 14 लाख नौकरियां थीं, जो 2024 तक घटकर करीब 7 लाख रह गईं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का असर कई नौकरियों पर पड़ सकता है।
राहुल गांधी ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में चीन के बढ़ते प्रभाव और छोटे-मध्यम उद्योगों को आसानी से लोन नहीं मिलने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अगर देश में रोजगार पैदा करना है तो मैन्युफैक्चरिंग और छोटे कारोबार को मजबूत करना होगा।
‘युवा और डाटा हैं 21वीं सदी की ताकत’
राहुल गांधी ने भारत के करीब 40 करोड़ युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भारत की अर्थव्यवस्था युवाओं और उनके डाटा की ताकत पर आगे बढ़ सकती है।
उन्होंने AI को लेकर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए डाटा बेहद जरूरी है। राहुल गांधी का आरोप था कि युवाओं का डाटा बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों तक पहुंच रहा है, जबकि युवाओं को इसका सही फायदा नहीं मिल रहा।
उन्होंने सोशल मीडिया को ‘21वीं सदी का नया नशा’ बताते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें रील्स और कंटेंट बनाने में उलझाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सम्मानजनक रोजगार के बजाय बड़ी संख्या में युवाओं को गिग वर्क और दिहाड़ी जैसे कामों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
छात्रों ने सुनाए परीक्षा और भर्ती के अनुभव
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने अलग-अलग राज्यों से आए कई छात्रों को मंच पर बुलाया। छात्रों ने उत्तर प्रदेश और बिहार में परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
कुछ छात्रों ने पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में परेशानियों का मुद्दा उठाया। एक छात्र ने उत्तर प्रदेश में लगातार पेपर लीक होने का आरोप लगाया। वहीं बिहार के छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और उसके बाद की परेशानियों का भी जिक्र किया।
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के पास क्षमता है, जरूरत सिर्फ उन्हें सही अवसर देने की है।
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