सोशल संवाद / डेस्क : Air India Pilot Drug Test: एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों की साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग कराने का फैसला किया है। यह कदम Phuket-Delhi फ्लाइट AI2379 के पायलट-इन-कमांड के मारिजुआना टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद उठाया गया है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के करीब 5,000 पायलट इस जांच के दायरे में आएंगे।

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Air India Pilot Drug Test क्यों लिया गया बड़ा फैसला?
4 अगस्त को Phuket से Delhi जा रही Air India की AI2379 फ्लाइट ने उड़ान के दौरान अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई खो दी थी। इस घटना में यात्रियों और क्रू समेत 24 लोग घायल हुए थे। घटना के बाद दोनों पायलटों की अनिवार्य साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग की गई थी।
फ्लाइट के कैप्टन का शुरुआती टेस्ट नॉन-नेगेटिव आया था। इसके बाद किए गए कन्फर्मेटरी टेस्ट में भी मारिजुआना की पुष्टि हुई। हालांकि, इस टेस्ट का फ्लाइट में हुई तकनीकी घटना से सीधा संबंध अभी जांच में स्थापित नहीं हुआ है।
अब सभी पायलटों की होगी स्क्रीनिंग
एयर इंडिया ने अपने सभी ग्रुप पायलटों की अनिवार्य स्क्रीनिंग शुरू करने का फैसला किया है। एयरलाइन के मुताबिक जांच में उन पदार्थों या दवाओं की पहचान की जाएगी, जो मौजूदा विमानन नियमों के तहत प्रतिबंधित हैं। जांच गुरुग्राम अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान, उड़ान के बाद फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर या एयर इंडिया ऑफिस में और संबंधित बेस पर की जाएगी।
एयर इंडिया ने कहा है कि वह DGCA के मौजूदा नियमों का पालन करती है, लेकिन यात्री सुरक्षा और पेशेवर मानकों को मजबूत करने के लिए उससे आगे जाकर यह व्यापक जांच की जा रही है।
मौजूदा नियमों में क्या है प्रावधान?
मौजूदा DGCA नियमों के तहत शेड्यूल्ड कमर्शियल एयरलाइंस को हर साल अपने कम से कम 10 प्रतिशत कर्मचारियों की साइकोएक्टिव सब्सटेंस के लिए रैंडम जांच करनी होती है। पॉजिटिव या नॉन-नेगेटिव स्क्रीनिंग के बाद संबंधित कर्मचारी को सुरक्षा से जुड़े काम से हटाने का प्रावधान भी है।
अब सरकार इन नियमों में और सख्ती करने पर विचार कर रही है। संभावित बदलावों में रैंडम टेस्टिंग का दायरा बढ़ाना और ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने वाले पायलटों के लिए कड़े प्रावधान शामिल हो सकते हैं।
Phuket-Delhi फ्लाइट घटना की जांच जारी
AI2379 फ्लाइट में हुई घटना की जांच Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) कर रहा है। Airbus की शुरुआती तकनीकी जांच के मुताबिक विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में एक साथ समस्या आने से करीब चार सेकंड के लिए विमान के कुछ प्रमुख फ्लाइट कंट्रोल प्रभावित हुए थे।
जांच एजेंसियां विमान के तकनीकी सिस्टम, सेंसर, वायरिंग और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही हैं। ऐसे में पायलट के ड्रग टेस्ट का मामला भी अलग से जांच का हिस्सा बना हुआ है।
यात्रियों की सुरक्षा पर एयर इंडिया का जोर
एयर इंडिया ने कहा है कि उसके पायलटों और कर्मचारियों की प्रोफेशनल क्षमता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने वर्षों से यात्रियों का भरोसा कायम रखा है। एयरलाइन का कहना है कि इस भरोसे को बनाए रखने के लिए सुरक्षा मानकों को और मजबूत करना जरूरी है।
नोट: Phuket-Delhi फ्लाइट की घटना और पायलट के ड्रग टेस्ट से जुड़े मामले की जांच अभी जारी है। इसलिए किसी एक कारण को विमान के अचानक ऊंचाई खोने की अंतिम वजह मानना अभी उचित नहीं होगा।









