सोशल संवाद / डेस्क : महाराष्ट्र में एक हॉस्टल इन दिनों ‘घोस्ट हॉस्टल’ के नाम से चर्चा में है। यहां कथित तौर पर डर और अजीब घटनाओं की खबरों के बीच करीब 600 छात्रों के हॉस्टल छोड़ने की बात सामने आई है। बड़ी संख्या में छात्रों के हॉस्टल छोड़ने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है और प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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छात्रों के बीच हॉस्टल को लेकर डर का माहौल बनने की बात कही जा रही है। कुछ छात्रों ने कथित तौर पर हॉस्टल में अजीब आवाजें और असामान्य घटनाएं महसूस होने की बातें कहीं। इसके बाद कई छात्रों ने हॉस्टल में रहने के बजाय वहां से जाने का फैसला किया।
हालांकि, अधिकारियों ने हॉस्टल में भूत या किसी तरह की पैरानॉर्मल गतिविधि होने की बात को खारिज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि “कोई भूत नहीं है, बस स्ट्रेस है।” प्रशासन के मुताबिक, छात्रों में तनाव और डर की वजह से ऐसी धारणाएं बन सकती हैं और एक-दूसरे के बीच बातें फैलने से स्थिति और गंभीर दिखाई देने लगती है।
अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की मानसिक स्थिति को भी समझना जरूरी है। पढ़ाई का दबाव, हॉस्टल का माहौल और लगातार तनाव जैसी चीजें छात्रों पर असर डाल सकती हैं। इसलिए मामले को केवल भूत-प्रेत से जोड़कर देखने के बजाय छात्रों की परेशानियों और उनकी सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है।
करीब 600 छात्रों के हॉस्टल छोड़ने की खबर के बाद अब प्रशासन की चुनौती छात्रों के बीच बने डर को दूर करना है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आखिर ऐसी अफवाह या धारणा की शुरुआत कैसे हुई।
फिलहाल अधिकारियों की ओर से यही कहा गया है कि हॉस्टल में किसी भूत या अलौकिक गतिविधि का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। ऐसे में ‘घोस्ट हॉस्टल’ की कहानी के पीछे असली वजह क्या है, इसे लेकर जांच और जानकारी जुटाने का काम जारी है।









