सोशल संवाद / डेस्क : अमेरिकी सेना ने मोबाइल आर्टिलरी सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने दक्षिण कोरियाई कंपनी हनवा एयरोस्पेस की K9 आधारित Mobile Tactical Cannon (MTC) प्रणाली को प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए चुना है। सफल परीक्षण के बाद यह सिस्टम अमेरिकी सेना की कुछ यूनिट्स में इस्तेमाल हो रही M777 टो्ड हॉवित्जर की जगह ले सकता है।

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हनवा डिफेंस USA को शुरुआती तौर पर छह प्रोटोटाइप उपलब्ध कराने हैं, जबकि 12 अतिरिक्त सिस्टम का विकल्प भी रखा गया है। इस समझौते की कुल संभावित कीमत करीब 262.9 मिलियन डॉलर है। अमेरिकी सैनिक लगभग चार साल तक इन प्रणालियों की क्षमता, विश्वसनीयता और वास्तविक परिस्थितियों में उपयोगिता का परीक्षण करेंगे।
K9 की खासियत क्या है?
हनवा ने K9 प्लेटफॉर्म पर आधारित K9MH का प्रस्ताव दिया है। यह पहियों पर चलने वाली मोबाइल तोप प्रणाली है, जिसका उद्देश्य युद्धक्षेत्र में तेजी से अपनी स्थिति बदलना और अधिक गतिशीलता के साथ फायर सपोर्ट उपलब्ध कराना है। K9 परिवार पहले से ही कई देशों में इस्तेमाल हो रहा है।
भारत के लिए भी क्यों महत्वपूर्ण?
इस खबर की भारत के लिए भी खास अहमियत है, क्योंकि भारतीय सेना पहले से ही दक्षिण कोरिया की K9 तोप के K9 वज्र-टी संस्करण का इस्तेमाल करती है। भारत में K9 वज्र का उत्पादन लार्सन एंड टुब्रो के साथ मिलकर किया जाता है।
अमेरिकी सेना में K9 आधारित सिस्टम की संभावित एंट्री से दक्षिण कोरियाई आर्टिलरी तकनीक की वैश्विक स्वीकार्यता और बढ़ सकती है। हालांकि, अमेरिकी सेना का फैसला अभी प्रोटोटाइप और परीक्षण चरण में है; M777 को पूरी तरह बदलने का अंतिम निर्णय परीक्षण के परिणामों के बाद लिया जाएगा।









