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एकलव्य विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी, आदिवासी बच्चों का भविष्य खतरे में: सांसद सुखदेव भगत

By Riya Kumari

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एकलव्य विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी, आदिवासी बच्चों का भविष्य खतरे में: सांसद सुखदेव भगत

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सोशल संवाद / डेस्क : लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने बुधवार को किस्को प्रखंड स्थित एकलव्य विद्यालय का निरीक्षण किया। ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंचे सांसद ने विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर चिंता जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

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किस्को में 25 पद, एक भी शिक्षक नहीं

निरीक्षण के दौरान विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि किस्को एकलव्य विद्यालय में शिक्षकों के 25 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में एक भी शिक्षक पदस्थापित नहीं है। वहीं नॉन-टीचिंग स्टाफ में चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के नौ पद स्वीकृत हैं, जबकि तृतीयवर्गीय पद भी रिक्त हैं।

पेसरार एकलव्य विद्यालय की स्थिति भी चिंताजनक है। यहां 25 स्वीकृत शिक्षक पदों के मुकाबले सिर्फ छह शिक्षक कार्यरत हैं। यही छह शिक्षक किस्को और पेसरार दोनों विद्यालयों के विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

चार स्थानीय कर्मचारियों को हटाने पर जताई नाराजगी

ग्रामीणों ने सांसद को बताया कि विद्यालय में करीब एक वर्ष से काम कर रहीं चतुर्थवर्गीय कर्मचारी सोमया देवी, शकुंतला, नीलमणि उरांव और वीरेंद्र उरांव को हटा दिया गया है। उनकी जगह बाहरी लोगों को काम पर रखने की शिकायत पर सांसद ने नाराजगी जताई।

सांसद ने प्राचार्य को चारों कर्मचारियों को तत्काल बहाल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को रोजगार से वंचित करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। सांसद ने विद्यालय के लिए सरकार को दी गई 10 डिसमिल जमीन के मालिक के पुत्र को भी योग्यता के आधार पर चतुर्थवर्गीय पद पर अवसर देने की बात कही।

नामांकन के बावजूद कई बच्चों को नहीं मिल रही नियमित पढ़ाई

किस्को एकलव्य विद्यालय में 240 स्वीकृत सीटों के मुकाबले 111 विद्यार्थियों का नामांकन है, जबकि पेसरार में 240 सीटों पर 184 विद्यार्थी नामांकित हैं। पर्याप्त स्थान और कक्षाओं की व्यवस्था नहीं होने के कारण कई बच्चों को नियमित कक्षाएं नहीं मिल पा रही हैं और वे पुराने विद्यालयों में पढ़ने को मजबूर हैं।

सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि इन विद्यालयों में शत-प्रतिशत आदिवासी बच्चे पढ़ते हैं। शिक्षकों की कमी के कारण उनके भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री से मिलेंगे सांसद

निरीक्षण के दौरान सांसद ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से बातचीत की तथा विद्यालय परिसर का जायजा लिया। उन्होंने शिक्षकों के व्यवहार और शिष्टाचार को लेकर भी नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।

सांसद ने कहा कि वे जल्द केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम से मुलाकात कर एकलव्य विद्यालयों की समस्याओं को सामने रखेंगे। साथ ही लोहरदगा जिले के सभी एकलव्य विद्यालयों की समीक्षा बैठक आयोजित कर शिक्षकों की कमी, आधारभूत सुविधाओं, नामांकन और कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।

मौके पर आलोक साहू, दयानंद उरांव, मोहम्मद कुद्दुस अंसारी, सोहराय, अंजू देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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