सोशल संवाद / रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार की नीतियों और खासकर माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट (एमएमडीआर) में किए गए संशोधन को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि झारखंड इस बदलाव का पुरजोर विरोध करेगा और लोकतांत्रिक, संवैधानिक तथा कानूनी स्तर पर इसकी लड़ाई लड़ेगा।

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झामुमो केंद्रीय समिति की बैठक गुरुवार को सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हरमू स्थित सोहराय भवन में हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने राज्यों से बिना किसी सलाह-मशविरा के कानून में ऐसा बदलाव किया है, जिसका झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध, पर अपेक्षाकृत कमजोर राज्य पर दूरगामी और प्रतिकूल असर पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इसका सीधा प्रभाव प्रदेश के आदिवासी, दलित, पिछड़े, गरीब, किसान और मजदूर वर्ग पर पड़ेगा।
हेमंत ने कहा कि देश और राज्य के सामने इस समय कई ज्वलंत मुद्दे हैं। केंद्र सरकार लगातार नई नीतियां और निर्णय लेरही है, जिनका असर देश के हर वर्ग पर पड़ रहा है। पेपर लीक, खनन कानून में संशोधन, परिसीमन और एसआईआर जैसे विषयों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सीएम ने कहा कि झारखंड अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर समय-समय पर चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
झामुमो जल्द रणनीति का करेगा खुलासा
झामुमो की बैठक में एमएमडीआर संशोधन कानून, एसआईआर और परिसीमन के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन करने और नाकेबंदी पर सहमति बनी। इस संबंध में जिला समिति से प्राप्त प्रस्ताव पर निर्णय लेकर झामुमो अपनी रणनीति का खुलासा जल्द करेगा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन संशोधन कानून से न केवल भविष्य में राज्य के राजस्व और अधिकार प्रभावित होंगे, बल्कि पूर्व के नुकसान की भरपाई को लेकर भी गंभीर आशंका पैदा हुई है।









