सोशल संवाद / रांची : झारखंड पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2015 में चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में सफल होने के बावजूद नियुक्ति से वंचित करीब 500 अभ्यर्थियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने प्रमाणपत्र और दस्तावेजों का सत्यापन कर चार सप्ताह के भीतर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।

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मामले में अभ्यर्थियों की ओर से वरीय अधिवक्ता शोएब आलम और वात्सल्य विज्ञा ने पक्ष रखा। मामले से जुड़ी छह अलग-अलग अर्जी पर कोर्ट ने एक साथ सुनवाई की। जेएसएससी ने वर्ष के 2015 में विज्ञापन संख्या 04/2015 के तहत झारखंड पुलिस में कांस्टेबल 7,272 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की थी। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी 2,380 पद रिक्त रह गये थे।
सिविल जज नियुक्ति के 35 अभ्यर्थियों की अर्जी निष्पादित
रांची। झारखंड न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2023 की संशोधित मेरिट लिस्ट से बाहर किए गए 35 अभ्यर्थियों को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। नियुक्ति परीक्षा का विज्ञापन रद्द किए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया कि जब विज्ञापन रद्द हो गया है तो संशोधित मेरिट लिस्ट को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला देने का कोई आधार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को अप्रासंगिक मानते हुए निष्पादित कर दिया।









