सोशल संवाद / जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से दो मरीजों की मौत को लेकर शनिवार को अस्पताल प्रशासन ने आपात बैठक बुलाई। बैठक प्राचार्य और अधीक्षक की मौजूदगी में पहली मंजिल के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया।

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बैठक में सरवर आलम की यूनिट में इमरजेंसी में भर्ती हुए एदेलबेड़ा निवासी आजसू के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष मंगल टुडू के बड़े भाई 42 वर्षीय सुखराम टुडू की मौत को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान डॉक्टरों को जमकर फटकार लगाई गई। साथ ही आठ डॉक्टरों को शोकॉज भी किया गया। हिन्दुस्तान ने दोनों मरीजों की मौत में डॉक्टरों की लापरवाही को उठाते हुए प्रमुखता से 22 अगस्त के अंक में खबर प्रकाशित की थी। इसपर अस्पताल प्रशासन ने संज्ञान लिया।
बैठक में सर्जरी विभाग के जूनियर से लेकर सभी सीनियर डॉक्टरों को बुलाया गया और घटना में क्यों और कैसे लापरवाही हुई, इस बारे में पूछताछ की गई। सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने बताया कि मरीज को पेशाब होने में परेशानी हो
रही थी और उसे पहले लकवा की भी शिकायत थी। उसे पेशाब के लिए कैथेटर लगा दिया गया था और इलाज भी किया गया। यह भी पता चला कि मरीज सर्जरी विभाग का है या मेडिसिन विभाग, इसको लेकर डॉक्टरों में असमंजस की स्थिति रही। प्राचार्य और अधीक्षक ने डॉ. सरवर आलम को फटकार लगाते हुए हिदायत दी। इस मामले के अलावा 12 वर्षीय बच्चे की भी मौत को लेकर शिशु रोग विभाग की प्रभारी विभागाध्यक्ष के साथ बैठक की गई। मरीज के इलाज में हुई लापरवाही को लेकर करीब आठ लोगों को शोकॉज भी किया गया है।









