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उर्वशी रौतेला के तिरंगा गाउन पर विवाद, क्या यह राष्ट्रीय ध्वज का अपमान? जानें कानून

By Sharia Nasrah

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उर्वशी रौतेला के तिरंगा गाउन पर विवाद, क्या यह राष्ट्रीय ध्वज का अपमान? जानें कानून

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सोशल संवाद / डेस्क : बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला एक बार फिर अपने लुक को लेकर चर्चा में हैं। 24 अगस्त को जयपुर में आयोजित Miss Universe India 2026 के ग्रैंड फिनाले में उर्वशी ने तिरंगे के रंगों से प्रेरित गाउन पहना। उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, लेकिन इसके साथ ही विवाद भी खड़ा हो गया। कई यूजर्स ने इसे राष्ट्रीय ध्वज से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि क्या इस तरह के पहनावे से तिरंगे का अपमान होता है।

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उर्वशी के गाउन में केसरिया, सफेद और हरे रंग का इस्तेमाल किया गया था और डिजाइन में अशोक चक्र जैसा तत्व भी नजर आया। अभिनेत्री ने अपने इस लुक को देशभक्ति से जोड़ते हुए पेश किया, लेकिन सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंटी हुई दिखाई दी। कुछ लोगों ने इसे भारत के प्रति सम्मान और गर्व का प्रदर्शन बताया, जबकि कुछ ने राष्ट्रीय ध्वज के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का हवाला देते हुए आपत्ति जताई।

क्या कहता है कानून?

भारत में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और इस्तेमाल को लेकर Flag Code of India, 2002 और Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 के तहत नियम मौजूद हैं। गृह मंत्रालय के Flag Code में राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखने से जुड़े प्रावधान दिए गए हैं।

कानून में राष्ट्रीय ध्वज को अपमानित करने, जलाने, कुचलने या उसकी गरिमा के खिलाफ इस्तेमाल करने जैसे कृत्यों पर कार्रवाई का प्रावधान है। वहीं, 2005 के संशोधन के बाद कपड़ों को लेकर भी विशेष प्रावधान जोड़े गए। राष्ट्रीय ध्वज को कमर के नीचे पहने जाने वाले परिधान या एक्सेसरी के हिस्से के रूप में इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है। इसके अलावा इसे कुछ खास तरह के ड्रेस मटेरियल पर प्रिंट या एम्ब्रॉयडर करने पर भी रोक है।

लेकिन क्या हर तिरंगा डिजाइन वाला कपड़ा गैरकानूनी है?

यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। तिरंगे के रंगों से प्रेरित डिजाइन और वास्तविक राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल एक ही बात नहीं है। इसलिए केवल किसी ड्रेस में केसरिया, सफेद और हरे रंग का होना अपने आप में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान साबित नहीं करता। किसी विशेष मामले में यह देखा जाएगा कि वास्तविक राष्ट्रीय ध्वज या उसके संरक्षित स्वरूप का किस तरह इस्तेमाल किया गया और क्या उसकी गरिमा का उल्लंघन हुआ।

उर्वशी रौतेला के मामले में सामने आई तस्वीरों और रिपोर्टों में इसे ‘तिरंगा-प्रेरित गाउन’ बताया गया है। इसलिए केवल सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाओं के आधार पर इसे कानूनी तौर पर ‘राष्ट्रीय ध्वज का अपमान’ कहना सही नहीं होगा।

फिलहाल उर्वशी का यह लुक सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ इसे देशभक्ति से जोड़कर देखा जा रहा है, तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और उससे जुड़े नियमों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

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