सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने मानहानि के एक मामले में रांची सिविल कोर्ट में सरेंडर किया। अदालत ने सुनवाई के बाद उन्हें 10-10 हजार रुपये के दो निजी मुचलकों पर जमानत दे दी।

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यह मामला भाजपा नेत्री और योग शिक्षिका राफिया नाज की ओर से दर्ज कराए गए मानहानि केस से जुड़ा है। मामला अगस्त 2020 की एक कथित टिप्पणी से संबंधित है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, अगस्त 2020 में एक निजी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान इरफान अंसारी ने राफिया नाज के पहनावे को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद राफिया नाज ने रांची सिविल कोर्ट में शिकायत वाद दायर किया था।
शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि टिप्पणी से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और सार्वजनिक रूप से उनका अपमान किया गया। मामले में स्त्री लज्जा भंग करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसे आरोप भी लगाए गए थे।
कोर्ट में सरेंडर के बाद मिली राहत
मामले की लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही थी। कोर्ट की कार्रवाई के बीच मंत्री इरफान अंसारी ने अदालत में आत्मसमर्पण किया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें दो निजी मुचलकों के आधार पर जमानत दे दी।
फिलहाल इस मामले में मंत्री को अदालत से जमानत मिल गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।









