सोशल संवाद/चाईबासा : स्वर्गीय मांगीलाल रूंगटा के 145वें जन्मोत्सव के अवसर पर शनिवार को मांगीलाल रूंगटा प्लस टू उच्च विद्यालय, चाईबासा में वार्षिकोत्सव सह संस्थापक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के साथ खेल, अनुशासन, प्रतिभा सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

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समारोह में पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार और रूंगटा परिवार के वरिष्ठ सदस्य मुकुंद रूंगटा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने विद्यालय परिसर में स्वर्गीय मांगीलाल रूंगटा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की। इसके बाद खेलकूद महोत्सव की मशाल जलाकर विभिन्न प्रतियोगिताओं की शुरुआत की गई। राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को भी श्रद्धांजलि दी गई।विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों का सम्मान किया गया।
रस्साकशी से तीरंदाजी तक, खेलों में दिखा उत्साह
वार्षिकोत्सव के दौरान विद्यार्थियों के लिए कई खेल और मनोरंजक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। रस्साकशी, तीरंदाजी, बाल पासिंग, हॉट पोटेटो, गुब्बारा फोड़ने और अलग-अलग दौड़ प्रतियोगिताओं में बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
खास बात यह रही कि कुछ प्रतियोगिताओं में अतिथियों और शिक्षकों ने भी हिस्सा लिया। इससे कार्यक्रम का माहौल और भी खुशनुमा हो गया। खेलों के जरिए विद्यार्थियों में टीम भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाने का संदेश दिया गया।
प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
एनसीसी कैडेटों के मार्च पास्ट ने खींचा ध्यान
कार्यक्रम में विद्यालय के एनसीसी कैडेटों का मार्च पास्ट भी आकर्षण का केंद्र रहा। कैडेटों की शानदार कदमताल और अनुशासन ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।
इसके अलावा पढ़ाई और दूसरी गतिविधियों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें आगे भी मेहनत जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
डीसी बोले- शिक्षा के साथ अनुशासन भी जरूरी
उपायुक्त मनीष कुमार ने स्वर्गीय मांगीलाल रूंगटा को याद करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति समर्पण का परिणाम है कि यह विद्यालय आज विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है। पढ़ाई के साथ खेल, सांस्कृतिक गतिविधियां, एनसीसी और अन्य रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व को मजबूत बनाती हैं।
डीसी ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मेहनत और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें। उन्होंने कहा कि विद्यालय के कई पूर्व छात्र अलग-अलग क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं और यह पूरे स्कूल के लिए गर्व की बात है।
हर व्यक्ति लगाए कम से कम एक पेड़
पर्यावरण संरक्षण पर भी उपायुक्त ने विद्यार्थियों और लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपने आसपास कम से कम एक पेड़ लगाए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाए।
उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाना ही काफी नहीं है। उसे बचाकर बड़ा करना भी उतना ही जरूरी है। विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश अपने आसपास के लोगों तक पहुंचाने की अपील की गई।
‘यूथिका-2026’ पत्रिका का हुआ लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की पत्रिका ‘यूथिका-2026’ का लोकार्पण भी किया गया। इसके साथ राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के तहत ‘खेलेगा भारत-जीतेगा भारत’ की शपथ दिलाई गई।
समारोह का समापन सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ। पूरे कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों में खास उत्साह देखने को मिला।









