सोशल संवाद / डेस्क : नई दिल्ली में SEMICON India 2026 की शुरुआत हो गई है। सरकार का कहना है कि उसने एक “ज़्यादा समावेशी” सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने के लिए एक “ढांचा” तैयार किया है। तीन दिन तक चलने वाले इस इवेंट में सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के सभी हिस्सों जैसे डिज़ाइन, मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस्ड पैकेजिंग और अन्य अपस्ट्रीम व डाउनस्ट्रीम सेगमेंट में क्षमताएं बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।
यह भी पढे : Oracle में छंटनी: टेक्नोलॉजी सेक्टर में फायदे और चुनौतियां
इस इवेंट में मैन्युफैक्चरिंग और डिस्प्ले टेक्नोलॉजी में निवेश, ग्लोबल पार्टनरशिप बनाने और कुशल टैलेंट पूल तैयार करने पर भी चर्चा हो रही है।
ऐसा लगता है कि भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति अब सिर्फ़ चिप असेंबली पर ध्यान देने के बजाय एक पूरा इकोसिस्टम बनाने की ओर बढ़ रही है।
सरकार अब मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, डिज़ाइन और सहायक उद्योगों में निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। दुनिया भर की कई बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां भारत की सेमीकंडक्टर योजनाओं पर बातचीत में हिस्सा ले रही हैं।
घरेलू सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने की भारत की कोशिशों का असर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, IoT, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल और टेलीकम्युनिकेशन सेक्टर पर पड़ सकता है। इंडस्ट्री पर नज़र रखने वाले लोग यह जानने में भी दिलचस्पी ले रहे हैं कि चिप मैन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग कंपनियों की क्या योजनाएं हैं।
इसलिए, ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में भारत की भूमिका पर चर्चा के लिए SEMICON India 2026 एक अहम मंच साबित हो सकता है।










