Image Slider
Dr Abhishek Child Care
Puja Swite Advertisement

झारखंड को खनन सेस का अधिकार वापस दे केंद्र : राधाकृष्ण किशोर

By Riya Kumari

Published :

Follow
झारखंड को खनन सेस का अधिकार वापस दे केंद्र : राधाकृष्ण किशोर

Join WhatsApp

Join Now

सोशल समवा / रांची :  झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा है कि केंद्र यदि सही मायने में भारत को विकसित बनाना चाहता है तो उसे आर्थिक रूप से पिछड़े राज्यों को मजबूत करना होगा। खनिज संपदा युक्त झारखंड विकसित भारत बनाने में योगदान दे सके, इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयादेश के आलोक में झारखंड को भी खनन कार्य पर सेस लगाने के अधिकार को पुनर्बहाल किया जाए। वित्त मंत्री शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा का वित्तपोषण’ को लेकर दो दिनी सम्मेलन में झारखंड की बात रख रहे थे। अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की।

यह भी पढे : Air India की Delhi-Kathmandu Flight वापस लौटी, Technical Issue की आशंका

वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र द्वारा ‘खान-खनिज विकास विनियमन में किए गए संशोधन से खनिजयुक्त भूमि पर राज्यों द्वारा नए टैक्स/सेस लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। फलस्वरूप झारखंड को लगभग 14,000 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति का अनुमान है।

विकसित भारत को दलीय राजनीति से ऊपर उठे केंद्र

राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि जीएसटी के कर युक्तिकरण से झारखंड को होने वाली क्षति की भरपाई मुआवजा के रूप में की जाए। साथ ही पिछड़े राज्यों को जी राम जी योजना पर केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के बंटवारे का अनुपात पूर्व की भांति 90:10 किया जाए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए दलीय राजनीति से ऊपर उठकर आर्थिक रूप से कमजोर राज्यों को प्राथमिकता के आधार पर पर्याप्त वित्त पोषण करना ही होगा। सम्मेलन में राज्यों की वित्तीय स्थिति, निवेश और विकास परियोजनाओं के लिए सभवनाएं जुटाने पर मंथन हुआ। सम्मेलन में झारखंड की ओर से वित्त विभाग के प्रधान सचिव प्रशांत कुमार समेत विभागीय अधिकारी भी शामिल हुए।

वित्तीय उपलब्धियां गिनाईं

नीति आयोग की एचीवर कैटेगरी में शीर्ष तीन राज्यों में झारखंड ने बनाया स्थान

  • राजस्व में अपने टैक्स से आय 60% से अधिक, नन-टैक्स रेवेन्यू भी बेहतर
  • अपने राजकोषीय घाटे को जीएसडीपी के 3% की तय सीमा से नीचे रखा
  • राज्य के कुल कर्ज का समुचित स्तर जीएसडीपी का 25% से कम बरकरार

झारखंड को केंद्र की नीति से हुई भारी आर्थिक क्षति

वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि विगत छह वर्षों से गैर-भाजपा शासित झारखंड को पर्याप्त केंद्रीय आर्थिक सहयोग से वंचित रहना पड़ रहा है। केंद्र की नीतियों, जैसे जीएसटी कर युक्तिकरण और वीबी-जीरामजी योजना से राज्य को 6,000 से 8,000 करोड़ का नुकसान हुआ है। खान खनिज विकास विनियमन संशोधन से नए टैक्स व सेस पर प्रतिबंध से 14,000 करोड़ क्षति अनुमानित है। कुल मिलाकर 20 से 22 हजार करोड़ घाटा हो रहा है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---