सोशल संवाद / चक्रधरपुर: पश्चिमी सिंहभूम जिले के तीन सरकारी विद्यालयों ने विद्यालय प्रमाणीकरण के विभिन्न मानकों पर बेहतर प्रदर्शन कर Jharkhand में विशेष पहचान बनाई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में हुए विद्यालय प्रमाणीकरण के आधार पर जिले के तीन विद्यालयों को स्वर्ण श्रेणी (Gold School) के लिए चयनित किया गया है।
झारखंड में स्वर्ण श्रेणी के लिए चयनित कुल 82 विद्यालयों में पश्चिमी सिंहभूम के तीन स्कूल शामिल हैं। इनमें आदर्श मध्य विद्यालय देवगांव, चक्रधरपुर, मध्य विद्यालय असंतलिया और बालिका मध्य विद्यालय, गोइलकेरा शामिल हैं।
राजस्थान में प्रधानाध्यापकों की विशेष कार्यशाला
स्वर्ण श्रेणी के लिए चयनित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के लिए राजस्थान के पीरामल स्कूल ऑफ लीडरशिप, बग्गर में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला 18 से 23 सितंबर तक चली।
कार्यशाला में विद्यालय नेतृत्व, शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यालय प्रबंधन, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और विद्यालय विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। प्रधानाध्यापकों को स्कूलों में बेहतर नेतृत्व और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी पहलुओं की जानकारी दी गई।
आदर्श मध्य विद्यालय देवगांव के प्रधानाध्यापक हुए शामिल
कार्यशाला में शामिल होकर आदर्श मध्य विद्यालय देवगांव, चक्रधरपुर के प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार महतो वापस लौटे। उन्होंने कार्यशाला के दौरान विद्यालय संचालन और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी हासिल की।
थर्ड पार्टी ने किया था विद्यालयों का मूल्यांकन
वित्तीय वर्ष 2025-26 में विद्यालयों का प्रमाणीकरण थर्ड पार्टी के माध्यम से कराया गया था। इस दौरान विद्यालयों में उपलब्ध संसाधन, शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यालय प्रबंधन, विद्यार्थियों के लिए किए जा रहे प्रयास और विद्यालय विकास की गतिविधियों समेत निर्धारित विभिन्न मानकों का मूल्यांकन किया गया।
मूल्यांकन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को स्वर्ण श्रेणी के लिए चुना गया। पश्चिमी सिंहभूम के तीन विद्यालयों का इस श्रेणी में शामिल होना जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इस चयन से इन विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर प्रबंधन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को पहचान मिली है।












