सोशल संवाद / डेस्क : आसमान से ली गई एक सैटेलाइट तस्वीर ने एशिया के मौसम की विशाल तस्वीर दिखा दी है। तस्वीर में भारत से लेकर चीन, कोरियाई प्रायद्वीप और जापान तक बादलों की लंबी पट्टी दिखाई दे रही है। यह नजारा इतना व्यापक है कि इसे ‘Cloud Highway’ यानी बादलों का हाईवे कहा जा रहा है।
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भारत से जापान तक फैले बादलों की पट्टी
ताजा सैटेलाइट इमेज में पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत, बांग्लादेश और आसपास के क्षेत्रों में घने बादल दिखाई दे रहे हैं। यह बादल उत्तर दिशा में हिमालय और चीन के ऊपर से होते हुए जापान की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं।
बंगाल की खाड़ी और पूर्वी भारत के ऊपर बादलों की गतिविधि खास तौर पर घनी है। यहां नमी से भरी हवा बड़े स्तर पर बादलों के निर्माण में योगदान दे रही है।
Satellite Image में दिखा अनोखा नजारा
तस्वीर में पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में ताइवान के पूर्व की ओर एक अलग spiral-shaped cloud formation भी दिखाई दे रहा है। इसके अलावा दक्षिण-पूर्व एशिया के ऊपर भी कई बादलों की पट्टियां नजर आ रही हैं।
यह पूरा नजारा एशिया के बड़े हिस्से में नमी और वायुमंडलीय सिस्टम की गतिविधियों को दिखाता है। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक केवल सैटेलाइट तस्वीर देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि दिखाई दे रहे सभी बादल एक ही मौसम प्रणाली का हिस्सा हैं।
भारत में फिर सक्रिय हुआ मानसून
यह Cloud Highway ऐसे समय नजर आई है जब दक्षिण-पश्चिम मानसून वापसी के चरण में है, लेकिन देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अभी भी बनी हुई हैं।
मध्य भारत में एक Depression के प्रभाव से बारिश का नया दौर सक्रिय हुआ है। इसके कारण मध्य और पूर्वी भारत में बारिश जारी रहने की संभावना है।
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में बारिश का असर
मौसम प्रणाली के प्रभाव से उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। कुमाऊं और गढ़वाल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
उत्तर प्रदेश के भी कई हिस्सों में बारिश की गतिविधि देखने को मिल सकती है। मानसून सिस्टम और Western Disturbance के प्रभाव से हिमालय की तलहटी वाले क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन और Flash Flood का खतरा भी बढ़ सकता है।
क्यों खास है यह Cloud Highway?
भारत से जापान तक फैली बादलों की यह विशाल पट्टी एशिया के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद नमी और वायुमंडलीय गतिविधियों के बड़े पैमाने को दिखाती है। सैटेलाइट से लिया गया यह दृश्य यह समझने में मदद करता है कि मौसम प्रणालियां कितने बड़े भौगोलिक क्षेत्र में प्रभाव डाल सकती हैं।











