सोशल संवाद/डेस्क: अभिनेता Ayushmann Khurrana ने मौजूदा दौर में छोटे बजट की फिल्मों और मजबूत कहानियों के महत्व पर बात की है। FICCI Frames 2026 में उन्होंने ‘हनुमान अंश’ और ‘Obsession’ जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी फिल्में बनाई जानी चाहिए, जो कम बजट में दर्शकों से जुड़ सकें।
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आयुष्मान ने कहा कि फिल्म का बजट बड़ा होने से ही उसकी सफलता तय नहीं होती। उनके मुताबिक, कहानी ऐसी होनी चाहिए जो लोगों से कनेक्ट करे। उन्होंने ‘Hanuman Ansh’ और ‘Obsession’ को अलग-अलग तरह की फिल्में बताते हुए बजट-फ्रेंडली सिनेमा पर जोर दिया।
‘स्क्रिप्ट ही असली स्टार है’
आयुष्मान ने सिनेमा में बदलते स्टारडम पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आज स्टारडम पहले की तरह किसी सीमित दायरे तक नहीं है। सोशल मीडिया, YouTubers और Influencers के बढ़ते प्रभाव से मनोरंजन की दुनिया में कई नए चेहरे अपने दर्शक बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि “Stardom is relative and script is the star” यानी स्टारडम अब सापेक्ष है और फिल्म में स्क्रिप्ट की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने यह भी कहा कि वह हमेशा मानते रहे हैं कि कहानी अभिनेता या स्टार से बड़ी होनी चाहिए।
‘हनुमान अंश’ की सफलता का दिया उदाहरण
आयुष्मान ने ‘हनुमान अंश’ की सफलता को कम बजट में कहानी के दम पर दर्शकों तक पहुंचने का उदाहरण बताया। रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म करीब ₹2 करोड़ के बजट में बनी और बाद में बॉक्स ऑफिस पर बड़ी कमाई करने में सफल रही।
उन्होंने अपनी आगामी फिल्म ‘उड़ता तीर’ को भी अपनी पसंद के प्रामाणिक और अलग तरह के सिनेमा की ओर वापसी बताया। फिल्म एक स्पाई कॉमेडी है और इसमें आयुष्मान के साथ सारा अली खान समेत कई कलाकार नजर आएंगे।
दर्शकों से कनेक्शन को बताया अहम
आयुष्मान के साथ कार्यक्रम में फिल्ममेकर श्रीराम राघवन भी मौजूद थे। राघवन ने कहा कि बॉक्स ऑफिस सफलता केवल फिल्म के बड़े पैमाने पर निर्भर नहीं करती, बल्कि दर्शकों के साथ उसका कनेक्शन भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपनी फिल्म ‘अंधाधुन’ का उदाहरण देते हुए बताया कि फिल्म को भारत के अलावा चीन में भी दर्शकों से प्रतिक्रिया मिली थी।











