Delhi CJP Protest: दिल्ली में भारी सुरक्षा के बीच प्रदर्शन पर रोक, ध्रुव राठी और अभिजीत दिपके समेत हजारों हिरासत में

By Riya Kumari

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Delhi CJP Protest: दिल्ली में भारी सुरक्षा के बीच प्रदर्शन पर रोक, ध्रुव राठी और अभिजीत दिपके समेत हजारों हिरासत में

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सोशल संवाद/डेस्क: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान शनिवार, 10 अक्टूबर को राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुलिस ने जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की और प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कई नेताओं, कार्यकर्ताओं तथा अन्य लोगों को हिरासत में लिया।

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Sunrise Enclave

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों और प्रदर्शन आयोजकों के दावों में अंतर बताया गया है।

35 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर कई स्तरों की बैरिकेडिंग की गई। कुछ स्थानों पर यातायात और सार्वजनिक परिवहन पर भी असर पड़ा। निषेधाज्ञा लागू रहने के कारण लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए गए।

अभिजीत दिपके और ध्रुव राठी हिरासत में

प्रदर्शन से पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और पार्टी से जुड़े अन्य नेताओं को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान उतरने के बाद हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। इनमें सौरव दास और आशुतोष रांका के नाम भी शामिल हैं। यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।

इसके अलावा, प्रदर्शन के समर्थन में पहुंचे कई विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिए जाने की खबरें आईं। इनमें अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनाराई विजयन, मानिक सरकार, वृंदा करात, योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण जैसे नाम शामिल बताए गए।

क्यों हो रहा है CJP का प्रदर्शन?

CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर मार्च का आह्वान किया था। संगठन ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और मतदाता पंजीकरण से जुड़े फॉर्म-6 के मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। ये आरोप हैं; संबंधित पक्षों के दावों और आधिकारिक प्रतिक्रियाओं को अलग-अलग समझना जरूरी है।

हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या पर अलग-अलग दावे

रिपोर्टों में दिल्ली पुलिस की ओर से करीब 2,500 लोगों को हिरासत में लिए जाने का आंकड़ा सामने आया, जबकि कुछ अन्य मीडिया रिपोर्टों और आयोजकों के दावों में यह संख्या इससे अधिक बताई गई। हिरासत में लिए गए लोगों को अलग-अलग स्टेडियमों और अस्थायी केंद्रों में ले जाए जाने की भी जानकारी सामने आई।

प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान

कार्रवाई के बाद भी CJP ने अपनी मांग जारी रखने की बात कही। संगठन ने 11 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन का आह्वान किया। ऐसे में राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात की स्थिति पर नजर बनी हुई है। आम लोगों को दिल्ली में निकलने से पहले ताजा ट्रैफिक एडवाइजरी और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े अपडेट देखने की सलाह दी जाती है।

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