सोशल संवाद/डेस्क: झारखंड की राजनीति में हरेलाल महतो के आजसू पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस घटनाक्रम पर आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के पार्टी छोड़ने या दूसरी पार्टी में जाने से संगठन पर खास फर्क नहीं पड़ता, लेकिन हरेलाल महतो के साथ उनकी करीब 25 साल पुरानी दोस्ती और संबंधों पर इसका असर जरूर पड़ेगा।
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‘सवाल यह है कि वे गए कहां हैं?’
गिरिडीह में मीडिया से बातचीत के दौरान सुदेश महतो ने हरेलाल महतो के भाजपा में शामिल होने पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पार्टी में लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन हरेलाल के साथ उनका रिश्ता लंबे समय से रहा है। ऐसे में इस फैसले का असर व्यक्तिगत संबंधों पर पड़ेगा। उनके बयान को दोनों नेताओं के बीच पुराने राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंधों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
हरेलाल महतो ने समर्थकों के साथ थामा BJP का दामन
ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी हरेलाल महतो ने 11 अक्टूबर 2026 को चांडिल के भादूडीह मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी भाजपा में शामिल हुए। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और मधु कोड़ा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
ईचागढ़ की राजनीति में नए समीकरण
हरेलाल महतो ने 2019 और 2024 के विधानसभा चुनाव में आजसू के टिकट पर ईचागढ़ सीट से चुनाव लड़ा था। दोनों चुनावों में उन्हें झामुमो की सविता महतो से हार का सामना करना पड़ा था। अब भाजपा में शामिल होने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उनके भाजपा में आने से भविष्य में पार्टी की चुनावी रणनीति क्या होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।











