सोशल संवाद / जमशेदपुर : कार्तिक मास की शुरुआत 21 अक्तूबर से हो गई है। दुर्गा पूजा के बाद अब पूरे महीने त्योहारों की रौनक बनी रहेगी। 29 अक्तूबर को करवा चौथ से शुरू होकर दीपावली और छठ महापर्व तक धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रहेगी। वहीं, चातुर्मास के समापन के साथ देवउठनी एकादशी से मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी। इसके बाद विवाह समारोहों के साथ शहनाई की गूंज सुनाई देने लगेगी।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसके बाद चातुर्मास के दौरान विवाह सहित कई मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु के जागने के साथ शुभ कार्यों का सिलसिला फिर शुरू हो जाता है।
कार्तिक मास में भगवान विष्णु और तुलसी माता की पूजा का विशेष महत्व है। इस दौरान गंगा स्नान, दान-पुण्य, यज्ञ और दीपदान करने की परंपरा है। मान्यता है कि सूर्योदय से पहले स्नान करने और तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने से पुण्य की प्राप्ति होती है। सूर्यास्त के बाद भी दीपदान किया जाता है।
इसी माह तुलसी और भगवान शालिग्राम के विवाह का पर्व तुलसी विवाह मनाया जाता है। कार्तिक मास का समापन 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के साथ होगा। सिख समाज के प्रथम गुरु, गुरु नानक देव का प्रकाश पर्व भी इसी दिन मनाया जाएगा।
आगामी त्यौहार की सूची :
- गुरुवार, 29 अक्तूबर : करवा चौथ
- रविवार, 1 नवंबर: अहोई अष्टमी, राधाकुंड स्नान
- गुरुवार, 5 नवंबर: रमा एकादशी
- शुक्रवार, 6 नवंबर: धनतेरस
- रविवार, 8 नवंबर: दीपावली, लक्ष्मी पूजा
- मंगलवार, 10 नवंबर: गोवर्धन पूजा, अन्नकूट
- बुधवार, 11 नवंबर: भाई दूज
- रविवार, 15 नवंबर : छठ पूजा, संध्या अर्घ्य
- मंगलवार, 17 नवंबर: गोपाष्टमी
- बुधवार, 18 नवंबर: अक्षय नवमी (आंवला नवमी)
- शुक्रवार, 20 नवंबर: देवउठनी एकादशी, चातुर्मास का समापन
- शनिवार, 21 नवंबर : तुलसी विवाह
- मंगलवार, 24 नवंबर: कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली गुरु नानक जयंती










