सोशल संवाद / जमशेदपुर : केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में अधिक से अधिक सरकारी अस्पतालों में जन औषधि केंद्र खोलने का लक्ष्य रखा गया है. इसे लेकर एमजीएम अस्पताल प्रबंधन द्वारा निविदा की मांग की गयी. अस्पताल इसके लिए चार अप्रैल को टेंडर खोला जायेगा. इसकी जानकारी देते हुए अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ जुझार मांझी ने बताया कि इसके लिए अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर जगह का चयन किया जा रहा है. इसके निविदा फाइनल होते ही इसको खोल दिया जायेगा, उन्होंने कहा कि इसके खुलने से मरीजों को बाहर से दवा की खरीदारी नहीं करनी होगी.

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दवा 60 से 80 प्रतिशत तक सस्ती मिलेगी
इस केंद्र से मरीजों को दवा लगभग 60 से 80 प्रतिशत तक सस्ती मिल जायेगी. उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र में लगभग 585 प्रकार की दवाएं मिलती हैं, जिसमें लगभग हर प्रकार की बीमारी का दवा शामिल है. इसमें सबसे ज्यादा ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीजों की दवा की बिक्री होती है. बाहर की दवाई और जन औषधि केंद्र की दवाई के मूल्य में जमीन आसमान का अंतर रहने के कारण लोग जन औषधि केंद्र में ही ज्यादातर दवा की खरीदारी करते हैं. ब्लड प्रेशर से ग्रसित तथा शुगर से ग्रसित मरीजों को रोजाना दवाई खानी पड़ती है, जो यहां काफी कम दामों में मिल जाती है. इसे लेकर डीडीसी के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया है. इसमें अस्पताल के अधीक्षक व ड्रग इंस्पेक्टर शामिल हैं.
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अस्पताल में करें आवेदन : उपाधीक्षक
जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ जुझार मांझी ने कहा कि जिनका जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बना है, वे लोग अस्पताल में जल्द से जल्द आवेदन करें. अस्पताल में सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक आवेदन जमा लिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सभी का प्रमाणपत्र ऑनलाइन कर दिया जा रहा है, ताकि लोग कहीं से भी अपना प्रमाणपत्र निकाल सकें. उन्होंने कहा कि जो लोग पहले आवेदन कर चुके हैं और उनका प्रमाणपत्र अभी नहीं मिला है, तो वे लोग एक बार रिमाइंडर दे दें, ताकि उनका भी प्रमाणपत्र जल्द जारी किया जा सके.









