सोशल संवाद / डेस्क : ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में संचालित ‘प्रोजेक्ट परख-तैयारी उड़ान की’ के तहत चक्रधरपुर प्रखंड के कुरुलिया स्थित कार्तिक उरांव डिजिटल पुस्तकालय का व्यापक उन्नयन किया गया है। अब यह पुस्तकालय आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों और जरूरी बुनियादी सुविधाओं से लैस है।
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डिजिटल टच स्क्रीन और वाई-फाई की सुविधा
पुस्तकालय में विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजिटल टच स्क्रीन और वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राएं ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री, पढ़ाई से जुड़े वीडियो और अन्य डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे ग्रामीण विद्यार्थियों को भी आधुनिक डिजिटल शिक्षा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा पुस्तकालय में टेबल-कुर्सी, पुस्तकों को सुरक्षित रखने के लिए सेफ अलमारी और कंप्यूटर डेस्क की व्यवस्था की गई है, ताकि विद्यार्थी बेहतर माहौल में पढ़ाई कर सकें।
पेयजल, शौचालय और रोशनी समेत बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
पुस्तकालय में पढ़ाई के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए कई जरूरी सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है। यहां हैंडवॉश यूनिट, शौचालय, पेयजल, परिसर में फेवर ब्लॉक और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई है।
विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा विकसित करने के लिए पुस्तकालय की दीवारों पर स्वामी विवेकानंद, भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और दिशोम गुरु शिबू सोरेन समेत कई प्रेरणादायी विभूतियों के चित्र लगाए गए हैं।
जेसोवा के सहयोग से हुआ पुस्तकालय का उन्नयन
कार्तिक उरांव डिजिटल पुस्तकालय के विकास में झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (जेसोवा) का महत्वपूर्ण सहयोग मिला है। जिला प्रशासन और जेसोवा के संयुक्त प्रयास से ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए इस पुस्तकालय को बेहतर शैक्षणिक और डिजिटल अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उपायुक्त मनीष कुमार ने क्या कहा?
इस पहल पर पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के सपनों को दिशा देने और भविष्य संवारने का सबसे सशक्त माध्यम है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिले के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर अध्ययन वातावरण और आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों तक समान पहुंच मिले।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त पुस्तकालयों का विकास विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक क्षमता पहचानने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बेहतर अवसर देगा।
उपायुक्त ने विद्यार्थियों से पुस्तकालय की सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने, नियमित रूप से पुस्तकालय आने और अपने ज्ञान एवं कौशल को लगातार विकसित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की सफलता के रास्ते में बाधा न बने।
इस पहल से कुरुलिया और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल और डिजिटल संसाधन उपलब्ध होंगे।











