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राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाए, प्रधानमंत्री शहीदों के अपमान के लिए माफी मांगें

By Riya Kumari

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'राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाए, प्रधानमंत्री शहीदों के अपमान के लिए माफी मांगें'
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सोशल संवाद / नई दिल्ली : कांग्रेस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद में झूठ बोलने को देश के शहीदों का अपमान बताते हुए उन्हें पद से हटाने और उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि रक्षा मंत्री ने संसद के अंदर गलत बयान दिया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी सैनिक की क्षति नहीं हुई।

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कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के पूर्व सैनिक विभाग के चेयरमैन कर्नल रोहित चौधरी और विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) अनुमा आचार्य ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर होने के 78 दिन बाद 28 जुलाई 2025 को संसद में असत्य बोलकर शहीदों का अपमान किया। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाकर ऐसी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी मंत्री संसद को गुमराह करने का साहस न करे। उन्होंने कहा कि यदि राजनाथ सिंह इस्तीफा नहीं देते हैं तो उन्हें तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा में सिर्फ झूठ बोला जाता है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री और भाजपा नेतृत्व शहीदों के परिवारों, भारतीय सेनाओं व देश से माफी मांगें। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में ही समाप्त हो गया था, तो शहीदों के नामों को सार्वजनिक करने में 13 महीने का समय क्यों लगा और उन्हें इतने लंबे समय तक गुमनाम क्यों रखा गया? उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता है। उन्होंने इसे सेना का मनोबल कम करने वाला भी बताया।

कर्नल चौधरी ने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में देश के दस जांबाज जवान शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि हाल ही में नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट और इंडिया गेट स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर छह शहीदों के नाम चुपके से अंकित किए गए हैं, जबकि चार शहीदों के नाम अब भी गायब हैं।

कांग्रेस नेता ने ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि की याद दिलाते हुए पहलगाम आतंकी हमले को बड़ी सुरक्षा विफलता बताया। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण वहां की सुरक्षा व्यवस्था केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अधीन है, लेकिन केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी विफलता के कारण 22 अप्रैल, 2025 को आतंकी हमला हुआ।

कांग्रेस नेता ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के समय भारत के पास पाक अधिकृत कश्मीर को वापस लेने का बड़ा मौका था, जिसे मोदी सरकार की कमजोर कूटनीति के कारण गंवा दिया गया। उन्होंने सरकार की विफल विदेश नीति की पोल खोलते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनिया के सामने अपनी बात रखने के लिए मोदी सरकार को 60 सांसदों को दूसरे देशों में भेजना पड़ा, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाक आर्मी चीफ असिम मुनीर को भोज पर बुलाया, पाकिस्तान को वैश्विक संस्थानों से बड़े लोन मिले और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद-रोधी समिति के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी पाकिस्तान को सौंपी गई।

कांग्रेस नेता ने अग्निवीर योजना के तहत भर्ती सैनिकों के साथ होने वाले भेदभाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि शहीद होने वाले अग्निवीरों के परिवारों को नियमित सैनिकों के परिवारों की तरह पेंशन, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य संबंधी लाभ नहीं मिलते। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों में महाराष्ट्र के अग्निवीर मुरली नायक भी शामिल हैं। उनकी मां ने मुंबई हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा है कि नियमित सैनिक के रूप में शहीद होने वाले और अग्निवीर के रूप में शहीद होने वाले सैनिकों के बीच कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने मोदी सरकार पर विकलांग सैनिकों की डिसेबिलिटी पेंशन को टैक्स के दायरे में लाकर उनके साथ भी अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार पर वन रैंक वन पेंशन पर भी झूठ बोलने का आरोप लगाया।

वहीं अनुमा आचार्य ने मोदी सरकार की रणनीतिक चूकों पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत में ही पाकिस्तान को सूचित कर दिया था कि भारत सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाएगा; ऐसा कर मोदी सरकार ने भारतीय वायुसेना के अचानक हमला करने की क्षमता को खत्म कर दिया और पाकिस्तान ने जवाबी हमला किया।

उन्होंने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान और जकार्ता में भारत के डिफेंस अताशे कैप्टन शिव कुमार के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि शुरुआत में हुई रणनीतिक गलतियों एवं मोदी सरकार द्वारा सेना को खुली छूट न देने से भारत को नुकसान पहुंचा था। उन्होंने कहा कि जब भारतीय सेना पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई कर रही थी, तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दखल के बाद अचानक युद्धविराम कर दिया गया, जिससे भारतीय सेनाओं का मनोबल कम हुआ। अनुमा आचार्य ने भारत के पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने पर भी निशाना साधते हुए उसे शहीदों का अपमान बताया।

अग्निवीर योजना पर पार्टी का रुख दोहराते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि सत्ता में आने पर कांग्रेस इस योजना को खत्म कर देगी।

नेताओं ने यह भी याद दिलाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान मारे गए सैनिकों के परिवारों से संपर्क किया था और उनके प्रति संवेदना व समर्थन व्यक्त किया था।

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