सोशल संवाद / चक्रधरपुर : पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, इंग्लिश मीडियम,पंप रोड में वेद व्यास जयंती सह गुरु पूर्णिमा उत्सव बड़ी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सर्वप्रथम विद्यालय प्रबंध कारिणी समिति के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव, सचिव दिलीप कुमार गुप्ता, रेलवे के CLI के अधिकारी मुराली कृष्णनन, रवि कुमार बाँकिरा वार्ड पार्षद, सतीश जी एवं प्रधानाचार्य आनंद चंद्र प्रधान द्वारा वेद व्यास जी के चित्र पर दीप ए एवं पुष्पार्चन कर कार्यक्रम को प्रारंभ किया गया।
यह भी पढे : चक्रधरपुर के साईं देवस्थान में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव
मुराली कृष्णनन ने अपने संबोधन में कहा की महर्षि व्यास जी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर व्यास जी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा की व्यास जी ने ही वेदों एवं महाभारत जैसी विशाल ग्रंथो की रचना किए हैं। गुरु पूर्णिमा प्राचीन काल से गुरु शिष्य की त्योहार मनाते आ रहे हैं। गुरु का शाब्दिक अर्थ है की गुरु होता है जो अंधकार रूपी अज्ञान को ज्ञान रूपी प्रकाश से आलोकित करता है।
वहीं प्रधानाचार्य आनंद चंद्र प्रधान ने सबसे पहले सभी को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएँ दी साथ ही महर्षि वेदव्यास का संक्षिप्त जीवन परिचय देते हुए कहा की वेदव्यास जिन्होंने वेदों को चार भागों में विभक्त किया, 18 पुराण एवं महाभारत जैसे ग्रंथों की रचना की, उनकी जयंती को ही हम गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाते हैं। भारतीय परम्परा में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में गुरु की आवश्यकता पड़ता है। सच्चा गुरु केवल पढ़ाता नहीं, बल्कि शिष्य के चरित्र का निर्माण भी कराता है। गुरु पूर्णिमा उत्सव पर मुख्य रुप से सभी गुरु जनों को मेरा सादर प्रणाम।
वहीं दिलीप गुप्ता जी ने सभी को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएँ देते हुए कहा की हमें अपने भैया – बहनों को कैसे एक सुनागरिक बनाएँ और और समग्र विकास करें। विद्यालय के समिति द्वारा इस पावन अवसर पर अचार्यों व कर्मचारी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सौभिक घटक ने किया। मौके पर जयश्री दास, शांति देवी, स्वास्तिक सोय , सौभिक घटक, भारती कुमारी,सुलेखा टुडू,चांदनी जोंको, , एवं काफी संख्या में भैया- बहन उपस्तिथ थे।









