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पत्नी नौकरानी नहीं, घर के काम में पुरुष भी सहयोग करें : सुप्रीम कोर्ट

By Riya Kumari

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पत्नी नौकरानी नहीं, घर के काम में पुरुष भी सहयोग करें सुप्रीम कोर्ट
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सोशल संवाद/डेस्क : सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक संबंधों और घरेलू जिम्मेदारियों पर एक ऐतिहासिक टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि पति को घर के कामकाज में समान रूप से हाथ बंटाना होगा. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने शुक्रवार को कहा कि एक पति ने किसी घरेलू सहायिका से नहीं, बल्कि अपनी जीवन संगिनी से शादी की है,

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इसलिए खाना पकाने, सफाई और कपड़े धोने जैसे कार्यों की जिम्मेदारी केवल पत्नी की नहीं हो सकती. यह मामला कर्नाटक हाइकोर्ट के एक आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया. निचली अदालत ने ‘क्रूरता’ के आधार पर पति को तलाक की मंजूरी दी थी,

जिसे हाइकोर्ट ने रद्द कर दिया. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान पति के वकील ने दलील दी कि पत्नी खाना नहीं पकाती और उसका व्यवहार अनुचित है, इसलिए उनका मुवक्किल तलाक चाहता है. इस पर पीठ ने सख्त लहजे में कहा, ‘समय बदल चुका है. आपको खाना पकाने और साफ-सफाई जैसे हर काम में सहयोग करना होगा.’ अदालत ने दोहराया कि वैवाहिक जीवन में सहयोग अनिवार्य है.

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