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भाजपा शासित एमसीडी के जनविरोधी बजट का सदन में “आप” और भाजपा पार्षदों ने किया विरोध – अंकुश नारंग

By Riya Kumari

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सोशल संवाद / नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी के निगम पार्षदों ने गुरुवार को एमसीडी की विशेष सदन की बैठक में चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 के संशोधित और 2026–27 के अनुमानित बजट पर चर्चा के दौरान अपने सुझाव रखे। इस दौरान “आप” पार्षदों ने भाजपा शासित एमसीडी के जनविरोधी बजट का जमकर विरोध किया।

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एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा का बजट काग़ज़ी और दिखावटी है इसमें सफ़ाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, वेतन-पेंशन और बुनियादी सुविधाओं के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। आम आदमी पार्टी इस जनविरोधी बजट का विरोध करती है और दिल्ली की जनता को वास्तविक राहत देने वाला ईमानदार बजट लाने की मांग करती है। “आप” जनता की आवाज़ सदन से सड़क तक उठती रहेगी।

गुरुवार को अंकुश नारंग ने कहा कि आज पार्षदों को बजट पर चर्चा करनी थी। पार्षदों ने खुलकर बजट का खंडन किया। यहां तक कि भाजपा के पार्षदों ने भी इस बजट का विरोध किया, क्योंकि कई ऐसे मद थे जिनके अंदर बजट का प्रावधान करना चाहिए था, लेकिन भाजपा ने प्रावधान नहीं किया। इसलिए उनके पार्षदों ने भी इसका विरोध किया। आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने तो खुलकर इसका विरोध किया।

अंकुश नारंग ने आगे कहा कि भाजपा वाले तो फिर भी अपनी नौकरी बचाते हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी विपक्ष में है और एक सकारात्मक भूमिका निभा रही है। यह बजट दिल्ली की प्राथमिकताओं से कोसों दूर है। यह बजट न तो दिल्ली की जनता की साफ-सफाई के लिए है, न डोर-टू-डोर कूड़ा उठवाने के लिए, न ठेकेदारों को काम के लिए बाध्य करने के लिए और न ही पार्कों के अंदर नए माली रखने के लिए है। इसमें न नई सड़कें बनाने, न सड़कों के गड्ढे भरने और न ही नए नाले बनाने का कोई जिक्र है।

अंकुश नारंग ने कहा कि यह बजट आवारा कुत्तों और आवारा पशुओं की इतनी बड़ी समस्या के समाधान से भी कोसों दूर है। यह बजट न तो दिल्ली की जनता की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखता है और न ही सफाई कर्मचारियों एवं दूसरे विभागों के कर्मचारियों को प्राथमिकता देता है। ऐसी भाजपा सरकार को शर्म आनी चाहिए, जिसने ऐसा बजट पेश किया है जिसका दिल्ली की जनता और एमसीडी से कोई लेना-देना नहीं है।

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