सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में स्थित आदित्यपुर रेलवे स्टेशन ने अपने संचालन के 25 वर्ष (सिल्वर जुबिली) पूरे कर लिए हैं। दक्षिण पूर्व रेलवे द्वारा 19 फरवरी 2002 को जारी अधिसूचना के तहत आदित्यपुर रेलवे यार्ड को अपग्रेड कर स्टेशन का दर्जा दिया गया था। फरवरी 2026 में स्टेशन ने अपने गौरवशाली 25 वर्ष पूरे कर लिए।
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दक्षिण पूर्व रेलवे की पहल और निरीक्षण
South Eastern Railway के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा ने फरवरी 2026 में स्टेशन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आदित्यपुर स्टेशन को टाटानगर जंक्शन के सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा हुई।
प्रमुख विकास योजनाएं
- फुटओवर ब्रिज में लिफ्ट और रैंप की व्यवस्था
- अधिक ट्रेनों के ठहराव की संभावना
- यात्री सुविधाओं का विस्तार
- टाटानगर जंक्शन पर बढ़ते दबाव को कम करने की रणनीति
एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग तेज
स्टेशन को शुरुआत में E-श्रेणी का दर्जा दिया गया था, जिसके कारण यहां सीमित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध थीं। अब 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर स्थानीय संगठनों और यात्रियों ने यहां एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग दोबारा उठाई है।
कुछ ट्रेनें जैसे स्वर्णरेखा एक्सप्रेस और मेमू सेवाएं पहले से आदित्यपुर से संचालित हो रही हैं, जिससे यात्रियों को राहत मिली है।
रेलवे मेंस यूनियन की प्रेस वार्ता
सिल्वर जुबिली के अवसर पर दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस यूनियन रनिंग शाखा आदित्यपुर ने प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान स्टेशन के विकास, रनिंग स्टाफ की समस्याओं और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मुकेश सिंह, एस.के. गिरी, अरनव दास समेत यूनियन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं स्थानीय संगठन जन कल्याण मोर्चा ने भी स्टेशन के सर्वांगीण विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार की मांग रखी।
आदित्यपुर स्टेशन का भविष्य
25 वर्षों की यात्रा पूरी करने के बाद आदित्यपुर रेलवे स्टेशन अब एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित होने से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक और व्यावसायिक विकास को भी गति मिलेगी।










