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झारखंड के विकास के लिए मिले अग्रिम किस्त 3660 करोड़ रुपए

By Riya Kumari

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झारखंड के विकास के लिए मिले अग्रिम किस्त 3660 करोड़ रुपए
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सोशल संवाद / रांची : झारखंड की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और उनके पूंजीगत एवं विकासात्मक खर्च को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने कर हस्तांतरण के रूप में 3660 करोड़ रुपये की एक अतिरिक्त अग्रिम किस्त जारी की है। यह राशि आगामी 10 अगस्त को जारी की जाने वाली सामान्य मासिक हस्तांतरण के अतिरिक्त है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक अगस्त को 28 राज्यों को कुल 1,09,019 करोड़ रुपये वितरित किए हैं, इसमें झारखंड का हिस्सा 3660 करोड़ है।

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केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने आदेश में कहा है कि यह अग्रिम किरत की राशि केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता के अनुरूप है, जो झारखंड सहित देशभर के राज्यों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करके उनके पूंजीगत व विकासात्मक खर्च को करने की दिशा में है। बता दें कि कर हस्तांतरण संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत एक संवैधानिक व्यवस्था है। वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्र सरकार विभाज्यकर का एक निश्चित हिस्सा राज्यों को वितरित करती है। यह वितरण हर पांच साल में केंद्र और राज्यों के वित्तीय संबंधों को संतुलित करने के लिए किया जाता है। झारखंड जैसे खनिज संपन्न राज्यों के लिए यह हस्तांतरण विशेष महत्व रखता है, क्योंकि बड़ा हिस्सा केंद्रीय अनुदान और हस्तांतरण पर निर्भर रहता है।

केंद्र पर बकाया राशि को लेकर मुखर रहे हैं सीएम और वित्त मंत्रीः

झारखंड का केंद्र सरकार पर बकाया हजारों करोड़ रुपये की मांग एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। यह चकाया राशि कोल इंडिया और अन्य केंद्रीय उपक्रमों से खनन किए गए कोयले के एवज में है जो 1.36 लाख करोड़ रुपये का है। इसे लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सहित सरकार के सभी मंत्री मुखर रहे हैं। इसके अलावा पिछले दिनों छात्रवृत्ति निधि में भारी कमी का मुद्दा भी उठा है। इसे लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पत्राचार भी किया है। मुख्यमंत्री ने लिखा था कि केंद्र सरकार ऐसी नीति बनाए, जिसके तहत आर्थिक रूप से पिछाड़े और विकासशील राज्यों को विशेषकर पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं में अधिक केंद्रीय अंशदान उपलब्ध कराया जाए। हेमंत सोरन नेप्री एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए झारखंड को कोई केंद्रीय राशि जारी नहीं करने की मांग को प्रमुखता से रखा था।

केंद्र की ओर से जारी राशि अपेक्षानुकूल नहींः राधाकृष्ण

केंद्र सरकार से जारी की गई राशि को लेकर झारखंड के वित मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा है कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय व क्रय शक्ति कम है। पहले ही जीएसटी व जी राम जी योजना के कारण राज्य पर 8000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ है। ऐसे में केंद्र से जारी राशि कम है। बीते वर्ष 16वें वित्त आयोग की टीम से तीन लाख तीन हजार करोड़ मांगे गए थे। इसके एवज में मात्र 3660 करोड़ रुपये की पहली किस्त मिली है।

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