सोशल संवाद/डेस्क : पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल गर्माता जा रहा है। इसी बीच कोलकाता पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को विरोध का सामना करना पड़ा। चुनाव आयोग की पूरी टीम के बंगाल दौरे के दौरान स्थानीय लोगों और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने काले झंडे दिखाकर उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तीन दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंचे हैं। उनका यह दौरा 8 मार्च से 10 मार्च तक निर्धारित है, जिसके दौरान चुनाव आयोग की टीम राज्य में आगामी चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करेगी। इस दौरान आयोग विभिन्न राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठकें भी करेगा।
कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त का काफिला जब शहर की ओर बढ़ा, तो रास्ते में कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए और हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
बताया जा रहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने दौरे के दौरान कोलकाता के प्रसिद्ध कालीघाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। मंदिर पहुंचने पर उन्होंने राज्य की जनता के कल्याण और शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल भी उनके साथ मौजूद थे।
हालांकि मंदिर परिसर के बाहर भी कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। सुरक्षा के मद्देनजर वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे ताकि मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यक्रम में कोई बाधा न आए।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि वे पश्चिम बंगाल के सभी लोगों को नमस्कार करते हैं और देवी काली से प्रार्थना करते हैं कि सभी सुरक्षित और स्वस्थ रहें। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस दौरे के दौरान चुनाव आयोग की टीम का विस्तृत कार्यक्रम भी तय किया गया है। सोमवार को आयोग की बेंच राज्य की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगी। इस बैठक में हर पार्टी को अपनी चिंताओं और सुझावों को रखने के लिए समय दिया जाएगा।
इसके अलावा चुनाव आयोग राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों और अन्य संबंधित विभागों के साथ भी चर्चा करेगा। इन बैठकों में चुनाव तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
पश्चिम बंगाल के विशेष रोल ऑब्जर्वर सुब्रता गुप्ता ने भी कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को विरोध करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य राज्य में पूरी पारदर्शिता के साथ शांतिपूर्ण चुनाव कराना है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में इस साल के पहले छह महीनों के भीतर विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। ऐसे में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक मुकाबला तेज होता जा रहा है। चुनाव आयोग की यह यात्रा इसी चुनावी तैयारी और व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।









