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भारत बना जनरेटिव AI ऐप्स का सबसे बड़ा बाजार, डाउनलोड में 207% की सालाना बढ़ोतरी

By Riya Kumari

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भारत बना जनरेटिव AI ऐप्स का सबसे बड़ा बाजार, डाउनलोड में 207% की सालाना बढ़ोतरी

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सोशल संवाद / डेस्क : (AI) आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को अपनाने की रफ्तार में भारत ने पूरी दुनिया को पीछे छोड़ दिया है। नई रिपोर्ट के अनुसार, जनरेटिव AI ऐप्स डाउनलोड करने और चैटबॉट्स का इस्तेमाल करने में भारत ग्लोबल लीडर बनकर उभरा है।

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207% की रिकॉर्ड ग्रोथ

मोबाइल ऐप एनालिटिक्स फर्म Sensor Tower के ताजा डेटा के मुताबिक, भारत जनरेटिव AI ऐप्स के लिए दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट बन गया है। देश में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ऐप्स के डाउनलोड में सालाना आधार पर 207 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है।

हर 5 में से 1 डाउनलोड भारत में

रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में होने वाले कुल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ऐप डाउनलोड में से करीब 20 प्रतिशत अकेले भारत से हैं। हालांकि, ऐप्स पर बिताए जाने वाले समय के मामले में United States अभी भी आगे है। अमेरिकी यूजर्स भारतीय यूजर्स की तुलना में हर हफ्ते लगभग 21 प्रतिशत अधिक समय AI ऐप्स पर बिताते हैं और ज्यादा सेशन लॉग-इन करते हैं।

AI फ्री ऑफर और पार्टनरशिप का असर

भारत में AI ऐप्स की तेज ग्रोथ के पीछे कंपनियों के प्रमोशनल ऑफर और नई एंट्री करने वाले प्लेटफॉर्म्स की बड़ी भूमिका रही है।

  • Google ने Jio के साथ साझेदारी कर अपने प्रीमियम आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस प्लान को मुफ्त ऑफर किया।
  • Perplexity AI ने Airtel के साथ टाई-अप किया।
  • OpenAI ने अपने ChatGPT Go प्लान को एक साल के लिए फ्री कर दिया।

इसके अलावा, ग्रोक और डीपसीक जैसे नए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस प्लेटफॉर्म्स की एंट्री और सोशल मीडिया पर वायरल AI ट्रेंड जैसे गिबली आर्ट, 3D फिगरीन और साड़ी फिल्टर ने भी डाउनलोड को बढ़ावा दिया।

डाउनलोड ज्यादा, खर्च कम

हालांकि भारत डाउनलोड के मामले में नंबर-1 है, लेकिन इन-ऐप परचेज में भारतीय यूजर्स काफी पीछे हैं। 2025 में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ऐप्स की इन-ऐप परचेज में भारतीय यूजर्स की हिस्सेदारी केवल 1 प्रतिशत रही। यानी ज्यादातर यूजर्स फ्री फीचर्स का ही इस्तेमाल कर रहे हैं और प्रीमियम सेवाओं पर खर्च करने से बच रहे हैं।

भारत तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इकोसिस्टम का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। डाउनलोड ग्रोथ और यूजर बेस के मामले में देश शीर्ष पर है, लेकिन रेवेन्यू जेनरेशन के लिए कंपनियों को भारतीय बाजार में अलग रणनीति अपनानी होगी। अगर यही रफ्तार जारी रही, तो आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इंडस्ट्री का सबसे प्रभावशाली बाजार बन सकता है।

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