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दिशोम गुरु शिबू सोरेन के सम्मान में हर साल होगा आयोजन, झारखंड के विकास का लिया संकल्प

By Riya Kumari

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दिशोम गुरु शिबू सोरेन के सम्मान में हर साल होगा आयोजन, झारखंड के विकास का लिया संकल्प
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सोशल संवाद / डेस्क : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन जैसे महान नेताओं और वीर सपूतों ने अपने संघर्ष, त्याग और बलिदान से अलग झारखंड राज्य के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। अब इस राज्य को विकास, समृद्धि और नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।

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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक जिम्मेदार और संवेदनशील प्रशासन के रूप में यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सरकार की प्राथमिकता है कि हर नागरिक की आवाज सीधे शासन तक पहुंचे और उन्हें समय पर सभी आवश्यक सुविधाएं एवं अधिकार मिलें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के विकास की यात्रा तभी सफल होगी, जब सरकार और जनता मिलकर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने सभी नागरिकों से राज्य के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

इस दौरान उन्होंने बताया कि पहले सभी लोग लुकैयाटांड़ में आदरणीय सोबरन मांझी की स्मृति में एकत्रित होते थे। अब भविष्य में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के सम्मान में भी इसी स्थान पर नियमित रूप से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि नई पीढ़ी उनके संघर्ष और योगदान से प्रेरणा ले सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका पैतृक गांव नेमरा यहीं निकट स्थित है, जहां दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जन्म हुआ था। हालांकि गांव छोटा होने के कारण वहां बड़ी संख्या में लोगों का एकत्र होना संभव नहीं था। इसी वजह से इस स्थान का चयन किया गया, ताकि आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक लोग यहां पहुंचकर राज्य के महान नायकों को श्रद्धांजलि दे सकें और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प ले सकें।

उन्होंने कहा कि झारखंड के इतिहास और उसके नायकों की विरासत को सहेजना हम सभी की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार इस दिशा में लगातार प्रयासरत है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास, संस्कृति और संघर्ष की गौरवशाली परंपरा से जुड़ी रहें।

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