सोशल संवाद / जमशेदपुर : टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्षिक बोनस को लेकर गुरुवार को समझौता हुआ। समझौते के तहत कंपनी के विभिन्न संयंत्रों एवं इकाइयों के पात्र कर्मचारियों के बीच करीब 315 करोड़ रुपये का बोनस वितरित किया जाएगा। समझौते के अनुसार बोनस की गणना कंपनी की लाभप्रदता, उत्पादन, उत्पादकता और सुरक्षा प्रदर्शन के आधार पर की गई है।

यह भी पढ़े : सदर अस्पताल में बनेगी नई मंजिल, वार्ड और बेड बढ़ेंगे
समझौते में वर्ष 2024-25 के लिए लागू वार्षिक बोनस योजना के तहत निर्धारित फार्मूले के तहत कंपनी के शुद्ध लाभ का 1.5 प्रतिशत तथा लाभप्रदता, उत्पादकता और सुरक्षा के प्रदर्शन के आधार पर अतिरिक्त राशि बोनस के रूप में निर्धारित की गई है। बोनस की अधिकतम सीमा कुल बोनस योग्य वेतन की 20 प्रतिशत रखी गई है।
25,603 कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए गणना के आधार पर कुल बोनस राशि 314.53 करोड़ रुपये आती है, जिसे राउंड ऑफ कर 315 करोड़ रुपये किया गया है। यह राशि कंपनी की विभिन्न पात्र इकाइयों के 25,603 कर्मचारियों के बीच वितरित होगी। जमशेदपुर की इकाइयों, जिसमें ट्यूब्स डिवीजन भी शामिल है, के करीब 11,021 कर्मचारियों के बीच कुल 163.85 करोड़ रुपये का बोनस बांटा जाएगा।
जमशेदपुर में औसत बोनस 1.48 लाख रुपये
समझौते के अनुसार जमशेदपुर और ट्यूब्स के कर्मचारियों का औसत बोनस 1,48,675 रुपये होगा। ओल्ड सीरीज (OS) के कर्मचारियों को वास्तविक उपस्थिति के आधार पर अधिकतम 4,52,512 रुपये, जबकि न्यू सीरीज (NS) के कर्मचारियों को अधिकतम 1,28,448 रुपये तक बोनस मिलेगा।
11 सितंबर को खातों में आएगी राशि
समझौते के तहत बोनस की राशि कर्मचारियों के बैंक खातों में 11 सितंबर को जमा की जाएगी। इससे कर्मचारियों को त्योहारों से पहले अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलेगी। बोनस की राशि का उपयोग कर्मचारी परिवार की जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, खरीदारी और अन्य खर्चों में कर सकेंगे।
टाटा स्टील में बोनस समझौता हर वर्ष कर्मचारियों के बीच खासा महत्व रखता है। कंपनी के प्रदर्शन और तय फॉर्मूले के आधार पर बोनस राशि निर्धारित की जाती है। इस बार भी वार्ता के बाद अंतिम सहमति बनी है।
अधिकतम बोनस 4.52 लाख रुपये
इस वर्ष समझौते में अधिकतम बोनस राशि 4.52 लाख रुपये तय की गई है। वहीं बोनस की गणना पुराने बेसिक वेतन के आधार पर 18.67 प्रतिशत की दर से की जाएगी। बोनस की राशि कर्मचारी के वेतनमान और पात्रता के अनुसार अलग-अलग होगी।
बोनस समझौते को टाटा स्टील के कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत के तौर पर देखा जा रहा है। समझौते के बाद अब कर्मचारियों को निर्धारित तिथि पर राशि मिलने का इंतजार है।









