सोशल संवाद/डेस्क: दिल्ली विधान सभा के अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता ने आज माननीय केंद्रीय शहरी विकास एवं विद्युत मंत्री, भारत सरकार श्री मनोहर लाल खट्टर से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर अध्यक्ष ने माननीय मंत्री को “दिल्ली विधान सभा की प्रस्तुति शताब्दी-यात्रा, वीर विठ्ठलभाई पटेल” शीर्षक पर विशेष रूप से प्रकाशित कॉफी टेबल बुक भेंट की।

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यह पुस्तक केंद्रीय विधान सभा के प्रथम भारतीय निर्वाचित अध्यक्ष वीर विठ्ठलभाई पटेल को समर्पित है। यह प्रकाशन वर्ष 1925 से 2025 तक भारत की संसदीय यात्रा का दस्तावेजीकरण करता है तथा आधुनिक भारतीय संसदीय परंपराओं की नींव रखने वाले वीर विठ्ठलभाई झावेरीभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

भेंट के दौरान माननीय केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिल्ली में लगभग ₹72,000 करोड़ की विकास परियोजनाएँ वर्तमान में प्रगति पर हैं तथा राष्ट्रीय राजधानी के लिए कई नई योजनाएँ भी पाइपलाइन में हैं। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्रीय रीजनल रैपिड ट्रांज़िट सिस्टम (आरआरटीएस) दिल्ली में परिचालित की जाएगी, जिससे पानीपत से करनाल तक की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी। साथ ही, दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण हेतु कई पहलें योजनाबद्ध एवं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य शहरी गतिशीलता एवं क्षेत्रीय संपर्क को और बेहतर बनाना है।

कॉफी टेबल बुक के विषय में बोलते हुए अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह कॉफी टेबल बुक भारत की विधायी एवं लोकतांत्रिक यात्रा के सौ वर्षों का समग्र दस्तावेज है। इस ग्रंथ में दुर्लभ अभिलेखीय छायाचित्रों, ऐतिहासिक दस्तावेजों तथा उन निर्णायक क्षणों को संकलित किया गया है जिन्होंने 20वीं शताब्दी के आरंभ से भारतीय लोकतंत्र को आकार दिया। पुस्तक का एक प्रमुख आकर्षण वर्ष 2025 में आयोजित ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस का विस्तृत विवरण है, जिसका आयोजन केंद्रीय विधान सभा के प्रथम भारतीय अध्यक्ष के रूप में श्री विठ्ठलभाई पटेल के निर्वाचन के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया गया था।

श्री गुप्ता ने माननीय केंद्रीय मंत्री को दिल्ली विधान सभा द्वारा उठाए गए विभिन्न विकास कार्यों से भी अवगत कराया। इनमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार में ऑडिट पैरा मॉनिटरिंग सिस्टम (एपीएमएस) का पूर्ण संचालन शामिल है, जिसके माध्यम से दिल्ली देश की पहली विधानसभा बनने की दिशा में अग्रसर है, जहाँ वास्तविक समय में ऑडिट निगरानी हेतु एक समग्र डिजिटल पोर्टल लागू किया गया है।
उन्होंने नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) जैसी परिवर्तनकारी पहल की जानकारी भी दी, जिसके माध्यम से दिल्ली विधानसभा पूर्णतः डिजिटल एवं कागज रहित सदन बन चुकी है। इसके अतिरिक्त, विधानसभा को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित हरित विधायिका में परिवर्तित किए जाने तथा दिल्ली विधान सभा को एक हेरिटेज साइट के रूप में विकसित करने के प्रयासों से भी मंत्री जी को अवगत कराया गया, जिससे इसकी लोकतांत्रिक विरासत संरक्षित होगी और आम जनता इस ऐतिहासिक परिसर को देख सकेगी।
यह शिष्टाचार भेंट दिल्ली विधान सभा और केंद्र सरकार के बीच लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ करने, अवसंरचना विकास को गति देने तथा पारदर्शी एवं सतत शासन को प्रोत्साहित करने की साझा प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करती है। बैठक में सहकारी संघवाद के महत्व पर बल दिया गया, जो दिल्ली की विधायी, विकासात्मक एवं विरासत संरक्षण संबंधी पहलों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।










