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Ayodhya Ram Mandir Donation Case: फैजाबाद बार एसोसिएशन का कड़ा रुख, आरोपियों का केस लड़ने वाले वकील पर 5 लाख रुपये जुर्माने का ऐलान

By Riya Kumari

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Ayodhya Ram Mandir Donation Case: फैजाबाद बार एसोसिएशन का कड़ा रुख, आरोपियों का केस लड़ने वाले वकील पर 5 लाख रुपये जुर्माने का ऐलान
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सोशल संवाद / अयोध्या: Ram Mandir दान राशि में कथित गड़बड़ी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से फैसला किया है कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पैरवी कोई भी स्थानीय अधिवक्ता नहीं करेगा। इतना ही नहीं, यदि कोई वकील इस निर्णय का उल्लंघन करता है तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

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बार एसोसिएशन का सर्वसम्मत निर्णय

फैजाबाद बार एसोसिएशन की आमसभा में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि राम मंदिर दान राशि से जुड़े कथित गबन मामले के आठ आरोपियों की ओर से कोई सदस्य अदालत में पेश नहीं होगा। एसोसिएशन का कहना है कि यह मामला जनभावनाओं और धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इसलिए संगठन ने यह कड़ा कदम उठाया है।

नियम तोड़ने पर 5 लाख रुपये का जुर्माना

बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अधिवक्ता संगठन के फैसले की अनदेखी कर आरोपियों की ओर से अदालत में पेश होता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ 5 लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।

आरोपियों को न्यायिक हिरासत

इस मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों को स्थानीय अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस कथित दान राशि में अनियमितताओं और धन के गबन के आरोपों की जांच कर रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच एजेंसियां लगातार साक्ष्य जुटाने में लगी हैं।

सीबीआई जांच की भी उठी मांग

बार एसोसिएशन ने मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग भी उठाई है। वहीं इस मामले में सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्वीकार नहीं किया है।

कानूनी और सामाजिक बहस तेज

बार एसोसिएशन के इस फैसले के बाद कानूनी हलकों में बहस शुरू हो गई है। कई विधि विशेषज्ञों का कहना है कि प्रत्येक आरोपी को कानून के तहत बचाव का अधिकार प्राप्त है, जबकि दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर इस फैसले को धार्मिक आस्था से जुड़ी भावनाओं के संदर्भ में देखा जा रहा है।

Ram Mandir दान राशि से जुड़े कथित गबन मामले ने अब कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर नई चर्चा छेड़ दी है। एक ओर जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर फैजाबाद बार एसोसिएशन के फैसले ने इस पूरे प्रकरण को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है। आने वाले दिनों में अदालत और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।

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