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Bageshwar Dham News: मांसाहार बयान पर घिरे धीरेंद्र शास्त्री, BJP ने किया किनारा

By Tamishree Mukherjee

Published :

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Bageshwar Dham West Bengal News
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सोशल संवाद / डेस्क : मध्य प्रदेश के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री उर्फ बागेश्वर बाबा पश्चिम बंगाल में मांसाहार को लेकर दिए गए कथित बयान के बाद विवादों में घिर गए हैं। उनके बयान को लेकर कांग्रेस ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, पश्चिम बंगाल भाजपा ने भी उनके बयान से पार्टी को अलग कर लिया है।

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यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की तैयारियां चल रही हैं। धीरेंद्र शास्त्री के बयान के बाद राज्य की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है।

कोलकाता कार्यक्रम के बाद विवाद

धीरेंद्र शास्त्री पश्चिम बंगाल में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम से पहले उनकी कुछ तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए, जिनमें उन्हें बंगाल के मंत्रियों के साथ बैठकर भोजन करते हुए देखा गया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आयोजन में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री और राज्य के नेताओं का आभार भी जताया। हालांकि, कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मांसाहार को लेकर उनका कथित बयान विवाद का केंद्र बन गया।

कांग्रेस ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

धीरेंद्र शास्त्री के बयान को लेकर कांग्रेस ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि उनके बयान से बंगाल की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर अनावश्यक विवाद पैदा हुआ है। मामले को लेकर अब राजनीतिक दलों के बीच भी बयानबाजी शुरू हो गई है।

BJP ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान से किया किनारा

विवाद बढ़ने के बाद पश्चिम बंगाल भाजपा ने स्पष्ट किया कि धीरेंद्र शास्त्री के बयान से पार्टी का कोई संबंध नहीं है। भाजपा नेताओं ने कहा कि बंगाल में भोजन और धार्मिक परंपराओं को लेकर लोगों की अपनी मान्यताएं हैं। भाजपा नेताओं के बयानों में मुख्य रूप से दो बातें सामने आईं—पहली, दुर्गा पूजा के दौरान बंगाल में मांसाहारी भोजन को लेकर पार्टी को कोई आपत्ति नहीं है और दूसरी, धीरेंद्र शास्त्री भाजपा के नेता नहीं हैं।

दिलीप घोष ने क्या कहा?

भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर बकरे की बलि की परंपरा रही है और उसके मांस को प्रसाद के तौर पर ग्रहण किया जाता है। उन्होंने कहा कि बंगाल में मांसाहार को विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने भगवान राम के वनवास के संदर्भ का भी उल्लेख किया।

सुकांत मजूमदार ने भी साफ किया रुख

केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि किसी व्यक्ति के खाने या बोलने को लेकर अनावश्यक विवाद नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, लोगों को अपनी पसंद के अनुसार भोजन करने का अधिकार है।

शमिक भट्टाचार्य बोले- बंगाल की अपनी परंपराएं

पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने भी इस मुद्दे पर पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि बंगाल की अपनी सांस्कृतिक और खान-पान की परंपराएं हैं। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान बंगाली परिवारों में अलग-अलग तरह के भोजन की परंपरा रही है और बाहरी व्यक्ति की टिप्पणी से इन परंपराओं में बदलाव नहीं होगा।

अग्निमित्र पाल ने भी जताई नाराजगी

भाजपा नेता अग्निमित्र पाल ने कहा कि बंगाली लोग दुर्गा पूजा का इंतजार करते हैं और इस दौरान अपनी पारंपरिक पसंद का भोजन करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बाहर से आने वाला कोई व्यक्ति बंगाल के लोगों को यह निर्देश नहीं दे सकता कि उन्हें क्या खाना या पहनना चाहिए।

सजल घोष ने कहा- बागेश्वर बाबा भाजपा के नेता नहीं

भाजपा विधायक सजल घोष ने भी धीरेंद्र शास्त्री से पार्टी को अलग करते हुए कहा कि वह भाजपा के नेता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी है और उन्हें किसी बाहरी व्यक्ति से सीख लेने की जरूरत नहीं है।

बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

धीरेंद्र शास्त्री के कथित बयान ने अब धार्मिक मुद्दे के साथ-साथ राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कांग्रेस की शिकायत और भाजपा द्वारा बयान से दूरी बनाए जाने के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया है। फिलहाल, इस पूरे विवाद में धीरेंद्र शास्त्री के बयान को लेकर राजनीतिक दलों के अलग-अलग रुख सामने आ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में और तूल पकड़ सकता है।

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