मुरी रेल टेका आंदोलन में आगुवाई करने वाले रेलवे न्यायालय रांची से बेल

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सोशल संवाद / झारखण्ड :  18 नवम्बर 2023 को मुरी रेल टेका आंदोलन में आगुवाई करने वाले रेलवे न्यायालय रांची से बेल दिया गया। ज्ञात हो कि 20 सितंबर 2023 को टोटेमिक कुरमी/ कुड़मी विकास मोर्चा के बैनर तले कुरमी/कुड़मी महतो समाज को अनुसूचित जनजाति की सूची में सुचिवद्ध करने की मांग को लेकर 12 घंटे तक रेल रोका गया था। जिसका आगुवाई समाज के अगुवा शीतल ओहदार, हरमोहन महतो, दानिसिंह महतो, सखीचंद महतो, सपन कुमार महतो , सोनालाल महतो आदि कर रहे थे। इस आंदोलन में लाखों कुड़मी समाज के लोग शामिल हुए थे।

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आंदोलन में मुरी आर पी एफ के द्वारा कांड संख्या 1561/2023 दर्ज की गई थी और रेलवे एक्ट 145,146,147,174(A) लगाकर शीतल ओहदार, हरमोहन महतो, सखीचंद महतो, दानिसिंह महतो, सपन कुमार महतो, सोनालाल महतो को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। इस संदर्भ में अधिवक्ता शष्ठीरंजन महतो ने रेलवे न्यायालय में सरेंडर कमबेल फाइल करते हुए न्यायाधीश से रेल टेका पुर्व घोषित कार्यक्रम होने एवं रेलवे की संपत्ति को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचाने की वकालत करते हुए अभियुक्तों को बेल देने का आग्रह किया। जिससे स्वीकार करते हुए सभी आंदोनकारीयों को बेल दिया गया। जिसमें बेलर के रूप में कमलेश ओहदार, अरबिंद महतो, नरेश बैठा, मनोज महतो,सुमंत कुमार महतो, विशाल महतो सुनील कुमार महतो, शिवलाल महतो सहित सैकड़ों समर्थक उपस्थित रहे।

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