---Advertisement---

निजी स्कूल में किताब-कॉपी की बिक्री पर रोक, विभाग ने कहा- ऐसा हुआ तो कार्रवाई

By Aditi Pandey

Published :

Follow
Ban on sale of books and copies in private schools स्कूल

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद/डेस्क: स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने निजी विद्यालय प्रबंधन को निर्देश जारी किया है। इसके तहत स्कूल परिसर में पाठ्यपुस्तक, कॉपियां, पाठ्येतर सामग्री या स्कूल ड्रेस की बिक्री नहीं कर सकेंगे। साथ ही किसी विशेष पुस्तक विक्रेता की अनुशंसा भी नहीं करेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है-यदि आदेश के उल्लंघन की शिकायत मिलती है और जांच में सही पाई जाती है तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल की मान्यता या अनापत्ति प्रमाण पत्र भी रद्द किया जा सकता है। विभागीय आदेश के बाद वर्ष 2026 में कई निजी विद्यालयों ने परिसर में किताब-कॉपी के स्टॉल लगाना बंद कर दिया है। पहले कई स्कूलों में ही अभिभावकों को किताबें और कॉपियां उपलब्ध हो जाती थीं, लेकिन अब उन्हें बाजार के अलग-अलग पुस्तक भंडारों में जाकर सामग्री खरीदनी पड़ रही है। बताया जाता है कि कुछ संगठनों और अभिभावकों ने सरकार और विभाग से शिकायत की थी कि स्कूल परिसर में किताबों की बिक्री से प्रबंधन को भारी मुनाफा होता है और कमीशन के लिए स्टॉल लगवाए जाते हैं।

क्या है आरटीई का नियम

जिला शिक्षा विभाग का कहना है-राइट टू एजुकेशन में स्पष्ट नियम है कि कोई भी स्कूल अपने परिसर का व्यवसायिक इस्तेमाल नहीं कर सकता है। इसके तहत स्कूल अपने परिसर में पाठ्य सामग्री या ड्रेसा की दुकान न खुद संचालित कर सकते हैं और न किसी दूसरे को इसकी अनुमति प्रदान कर सकते हैं। अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से किताब या ड्रेस खरीद करने का दबाव भी नहीं बना सकते हैं। लेकिन जमशेदपुर के निजी स्कूल हर साल ऐसा करते हैं।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Exit mobile version