सोशल संवाद/डेस्क: बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के साथ ही खेल कूटनीति को लेकर सकारात्मक संदेश सामने आए हैं। शपथ लेने के तुरंत बाद नए खेल मंत्री अमीनुल हक ने भारत के साथ क्रिकेट संबंधों में आई तल्खी को खत्म करने की पहल की है। उन्होंने साफ कहा कि टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की गैर-भागीदारी के मुद्दे को बातचीत के जरिए जल्द सुलझाया जाना चाहिए।
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शपथ ग्रहण के बाद अमीनुल हक ने संसद भवन में भारत के उप उच्चायुक्त से मुलाकात की और टी20 वर्ल्ड कप पर चर्चा की। उनका कहना है कि बांग्लादेश अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण और ईमानदार रिश्ते चाहता है। उन्होंने स्वीकार किया कि कूटनीतिक जटिलताओं के कारण टीम टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकी, लेकिन यदि पहले संवाद होता तो स्थिति अलग हो सकती थी।
दरअसल मौजूदा पुरुष टी20 वर्ल्ड कप, जो भारत और श्रीलंका में आयोजित हो रहा है, उसमें बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया। पिछली सरकार ने भारत में मैच खेलने से इनकार किया था और केवल श्रीलंका में खेलने की इच्छा जताई थी। इसके पीछे भू-राजनीतिक तनाव को वजह माना गया। विवाद तब और बढ़ गया जब आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स से बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को हटाने के निर्देश के बाद हालात बिगड़े और अंततः आईसीसी ने बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
हालांकि बाद में आईसीसी ने स्पष्ट किया कि भारत में मैच खेलने से इनकार करने पर बांग्लादेश पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। साथ ही 2031 पुरुष वनडे विश्व कप से पहले एक विशेष आईसीसी इवेंट की मेजबानी का अधिकार भी बांग्लादेश को दिया गया है। 2031 विश्व कप की संयुक्त मेजबानी भारत और बांग्लादेश करेंगे।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि नई सरकार के तहत क्रिकेट कूटनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या मैदान के बाहर की दूरियां, मैदान के अंदर सहयोग में बदल पाएंगी।










