सोशल संवाद/डेस्क : दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह ने आज उस्मानपुर, उत्तर-पूर्वी दिल्ली स्थित दिव्यांग एवं मानसिक रूप से विशेष बच्चों के स्कूल-कम-होम हेतु आवंटित भूमि का निरीक्षण किया। इस अवसर पर दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा तथा समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने भूमि की समुचित देखभाल, स्वच्छता व्यवस्था तथा सुरक्षा प्रबंधों को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

ये भी पढे : दिल्ली सचिवालय में मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा का राज्य स्थापना दिवस, लोक संस्कृति की भव्य झलक
इसके पश्चात समाज कल्याण मंत्री ने सुंदर नगरी स्थित ट्रेनिंग-कम-प्रोडक्शन सेंटर (TCPC) ऑर्थोपेडिक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने जिला कार्यालय के विकास के साथ-साथ ट्रेनिंग सेंटर को भी समानांतर रूप से विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही, भूमि के किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकने के लिए अस्थायी एनक्लोजर (Temporary Enclosure) स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। इस क्रम में सुंदर नगरी स्थित O/o RCL एवं HLTB का भी निरीक्षण किया गया। मंत्री ने वॉटरलॉगिंग की समस्या के समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा सुरक्षा की दृष्टि से परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए।

टीसीपीसी ऑर्थोपेडिक, सुंदर नगरी का कुल क्षेत्रफल लगभग 510 वर्ग मीटर है, जिसमें लगभग 340 वर्ग मीटर कवर्ड एरिया तथा लगभग 170 वर्ग मीटर ओपन एरिया शामिल है। भवन के पुनर्निर्माण हेतु दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) को पत्र भेजा जा चुका है। वहीं, RCL एवं HLTB, सुंदर नगरी परिसर का कुल क्षेत्रफल लगभग 800 वर्ग मीटर है, जिसमें लगभग 532 वर्ग मीटर कवर्ड एरिया तथा लगभग 266 वर्ग मीटर ओपन एरिया सम्मिलित है।

इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार का संकल्प स्पष्ट है कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आधुनिक सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण सेवाएं और संवेदनशील प्रशासन सुनिश्चित किया जाए। हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन मिले तथा विशेष बच्चों को सुरक्षित वातावरण, बेहतर देखभाल और उज्ज्वल भविष्य प्राप्त हो। सशक्त दिव्यांग, सशक्त समाज की दिशा में दिल्ली सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने आगे निर्देश दिए कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत आने वाली सभी सरकारी संपत्तियों का शीघ्र डिमार्केशन किया जाए, बाउंड्री वॉल का निर्माण सुनिश्चित किया जाए तथा सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की जाए, ताकि अतिक्रमण एवं किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को प्रभावी रूप से रोका जा सके।










