सोशल संवाद/डेस्क: पटना के चितकोहरा स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में एवियन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। बड़ी संख्या में मुर्गियों की मौत के बाद कराई गई जांच में संक्रमण सामने आया।
यह भी पढ़ें: Harmu Plot विवाद में धोनी को नोटिस, 15 दिन में जवाब नहीं तो रद्द हो सकता है आवंटन
रिपोर्ट मिलते ही जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फार्म में मौजूद करीब 6000 मुर्गियों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट कर गहरे गड्ढे में दफनाया। पूरे परिसर को सील कर सैनिटाइजेशन और कीटनाशक का छिड़काव कराया गया।
संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए फार्म के आसपास 9 किलोमीटर का दायरा निगरानी क्षेत्र घोषित किया गया है। अगले दो महीनों तक इस क्षेत्र में मुर्गियों, अंडों और पोल्ट्री चारे की खरीद-बिक्री व आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। अन्य पोल्ट्री फार्मों की भी जांच की जा रही है।
फार्म से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पक्षियों के बाड़ों को सैनिटाइज किया जा रहा है और दर्शकों के लिए दूरी के नियम लागू किए गए हैं। फिलहाल चिड़ियाघर में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि मृत या बीमार पक्षियों को हाथ न लगाएं और किसी भी संदिग्ध स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। विशेषज्ञों के अनुसार, 70 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान पर पकाया गया चिकन और अंडा सुरक्षित रहता है।
प्रशासन ने अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और निगरानी लगातार जारी है।










