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कालाबाजारी से बढ़ी रसोई गैस की किल्लत, कई शहरों में होटल बंद और उद्योगों पर संकट

By Muskan Thakur

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सोशल संवाद/डेस्क : देश के कई हिस्सों में रसोई गैस सिलेंडरों की किल्लत को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। सरकार की ओर से स्थिति सामान्य होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई जगहों पर गैस की कमी का असर साफ दिखाई दे रहा है। कालाबाजारी और जमाखोरी के कारण कृत्रिम संकट की स्थिति बन गई है, जिससे आम लोगों से लेकर होटल, उद्योग और धार्मिक स्थलों तक प्रभावित हो रहे हैं।

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राजधानी में भी इसका असर देखने को मिला है। Delhi High Court की कैंटीन में गैस की कमी के कारण भोजन सेवा अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी। वहीं धार्मिक नगरी Ayodhya में संचालित होने वाली राम रसोई को भी समय से पहले बंद करना पड़ा, जिसके बाद इसे अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया।

गैस संकट का असर रेलवे की सेवाओं पर भी पड़ने लगा है। Indian Railway Catering and Tourism Corporation ने अपने सभी कैटरिंग यूनिट्स को वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसमें माइक्रोवेव और इंडक्शन जैसे उपकरणों का उपयोग करने की सलाह दी गई है ताकि यात्रियों को भोजन सेवा जारी रखी जा सके।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की खबरें सामने आई हैं। इसके चलते कई स्थानों पर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। वहीं फिरोजाबाद के कांच उद्योग पर भी इसका असर पड़ा है। उद्योग संगठनों ने गैस सप्लाई में कटौती के कारण उत्पादन 30 से 40 प्रतिशत तक घटाने का फैसला किया है। उद्यमियों का कहना है कि उन्हें अब महंगी स्पॉट गैस खरीदनी पड़ रही है, जिससे उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है।

पंजाब में भी यह मुद्दा राजनीतिक रूप ले चुका है। राज्य विधानसभा में गैस संकट को लेकर बहस छिड़ गई है। वहीं नंगल और बठिंडा में स्थित National Fertilizers Limited के संयंत्रों में गैस की कमी के कारण यूरिया उत्पादन रोकना पड़ा है। इससे कृषि क्षेत्र पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

बिहार और मध्य प्रदेश में भी गैस एजेंसियों के कार्यालयों पर उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ गई है। कई जगहों पर बुकिंग सिस्टम ठप होने की वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए जिला स्तर पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड में गैस की उपलब्धता को लेकर कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। देहरादून में कालाबाजारी रोकने के लिए कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई, जिसमें कई गैस सिलेंडर जब्त किए गए।

छत्तीसगढ़ में स्थिति और गंभीर हो गई है। यहां गैस सप्लाई बाधित होने के कारण करीब 70 प्रतिशत होटल और रेस्तरां ने अस्थायी रूप से रसोई बंद कर दी है। कई जगहों पर व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमत 5,000 रुपये तक पहुंच गई है, जिससे छोटे कारोबारियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कालाबाजारी और अफवाहों पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो यह संकट और गहरा सकता है। फिलहाल सरकार और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए हैं और आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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