सोशल संवाद / नई दिल्ली : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि आज लोकसभा में जो हुआ, वह हर उस महिला के लिए पीड़ादायक और निराशाजनक है, जो अपने अधिकार और सम्मान की उम्मीद रखती है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति को सशक्त बनाने के लिए जो संकल्प लिया, नारी शक्ति वंदन अधिनियम उसी दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम था।

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लेकिन विपक्ष द्वारा इस महत्वपूर्ण संविधान संशोधन को पारित न होने देना महिलाओं के अधिकारों के साथ सीधा अन्याय है। मुख्यमंत्री के अनुसार एक महिला मुख्यमंत्री होने के नाते यह विषय मेरे लिए केवल राजनीति का नहीं, बल्कि संवेदना और सम्मान का विषय है। देश की करोड़ों महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी देने का यह अवसर आज उनसे छीन लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिलाओं के अधिकारों के रास्ते में बाधा डाली है। उनकी यह सोच महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति उनकी वास्तविक नीयत को दर्शाती है। लेकिन वह विश्वास के साथ कहती हैं कि देश की महिलाएं सब देख रही हैं और समझ रही हैं। नारी शक्ति के साथ हुआ यह अन्याय यूँ ही नहीं जाएगा। दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण और महिला-नेतृत्व वाले विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।









