सोशल संवाद / जमशेदपुर : झारखंड सरकार द्वारा पेश किया गया बजट लोगों की आँखों में धूल झोंकने वाला बजट है। यह बजट विकास को गति नहीं देगा। यह बजट आम आदमी की आशाओं को पूरा करने वाला बजट नहीं है। इस बजट में योजनाओं के नाम पर अधिक रुपये रखने की बात कही गई है। वित्त मंत्री जी ने अलग-अलग मदों में बड़ी राशि रखने की घोषणा की है।
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मैं जानना चाहता हूँ कि क्या योजना की कसौटी, योजना की सफलता या उसके लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए केवल उनके लिए रुपये रखने तक ही सीमित है? पिछले बजट में अलग-अलग मदों के लिए योजनाओं के निमित्त बड़ी-बड़ी रकम खर्च करने की घोषणा की गई थी, लेकिन क्या वह राशि खर्च हो पाई।
बजट में केवल बड़ी रकम का प्रावधान कर देना विकास सुनिश्चित नहीं करता; असली चुनौती उस राशि का सही समय पर और सही तरीके से क्रियान्वयन है। साथ ही झारखण्ड सरकार ने गरीब, आदिवासी, किसान, युवाओं, महिलाओं के साथ भी बजट में छल किया है। युवाओं के लिए रोजगार से संबंधित कोई ठोस योजना पेश नहीं की गई है। संक्षेप में कहा जाए तो यह बजट जनता के लिए घोर निराशाजनक बजट है।










