सोशल संवाद / जमशेदपुर : बंद पड़ी केबुल कम्पनी के प्रभावित कर्मचारियों की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को न्यू केबुल टाउन स्थित सामुदायिक भवन मैदान में हुई। इसमें कर्मचारियों के हितों और कंपनी से जुड़े विभिन्न कानूनी मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि कर्मचारियों को उनका न्यायोचित अधिकार मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
यह भी पढे : Ken-Betwa Project: पुलिस कार्रवाई के बाद खत्म हुआ 15 दिन का आदिवासी आंदोलन, अमित भटनागर अस्पताल में भर्ती
निर्णय लिया गया कि कानूनी लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा कर्मचारियों ने क्रमबद्ध तरीके से आंदोलन एवं आगामी रणनीति तय करने के लिए पुनः बैठक करने का भी निर्णय लिया गया। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। बैठक में बताया गया कि पूर्व में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के आदेशों के विरुद्ध अपील दायर की गई है और इससे संबंधित कई मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।
साथ ही कंपनी के परिसमापन (लिक्विडेशन) से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। प्रभावित कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि परिसमापन प्रक्रिया में श्रमिकों के हितों का समुचित मूल्यांकन नहीं किया गया है। बैठक में मांग की गई कि कर्मचारियों का बकाया भुगतान ब्याज सहित किया जाए तथा जिन कर्मचारियों की नौकरी चली गई है, उन्हें उचित मुआवजा और रोजगार से संबंधित राहत प्रदान की जाए।









