Responsive Full Width Slider
Advertisement 1
Advertisement 2

क्या बीमारी आने से पहले अलर्ट दे सकती है Smartwatch? जानिए कितनी भरोसेमंद है यह नई टेक्नोलॉजी

By Riya Kumari

Published :

Follow
क्या बीमारी आने से पहले अलर्ट दे सकती है Smartwatch? जानिए कितनी भरोसेमंद है यह नई टेक्नोलॉजी
Srinath Advertisement
Dayal Advertisement

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : आज की Smartwatch सिर्फ समय देखने या कॉल-मैसेज की नोटिफिकेशन तक सीमित नहीं रह गई हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस हेल्थ सेंसर की मदद से ये डिवाइस अब शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर भी नजर रखती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या स्मार्टवॉच किसी बीमारी के आने से पहले ही उसका संकेत दे सकती है? विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ मामलों में यह संभव है, लेकिन इसे अंतिम मेडिकल जांच नहीं माना जा सकता।

यह भी पढे : 15% तक महंगा हो सकता है मोबाइल रिचार्ज

Sunrise Enclave
ASL Motors and Dilip Kia

स्मार्टवॉच लगातार आपकी हार्ट रेट, शरीर का तापमान, नींद का पैटर्न, सांस लेने की गति और रोजाना की गतिविधियों का डेटा रिकॉर्ड करती है। यदि इन सामान्य पैटर्न में अचानक बदलाव आता है, तो डिवाइस आपको अलर्ट भेज सकती है। यह संकेत इस बात का हो सकता है कि शरीर किसी संक्रमण या स्वास्थ्य समस्या से लड़ रहा है। हालांकि, स्मार्टवॉच यह नहीं बता सकती कि आपको कौन-सी बीमारी हुई है। इसके लिए डॉक्टर की जांच और मेडिकल टेस्ट जरूरी होते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्टवॉच के सभी हेल्थ फीचर्स पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। कई बार तनाव, कम नींद, अधिक व्यायाम या अन्य कारणों से भी रीडिंग बदल सकती है। इसलिए अगर बार-बार असामान्य अलर्ट मिल रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सही कदम है।

रिसर्च के अनुसार, स्मार्टवॉच Atrial Fibrillation (AFib) यानी दिल की अनियमित धड़कन जैसी स्थिति का पता लगाने में काफी मददगार साबित हुई हैं। इसके अलावा, स्टेप काउंट और कुल नींद का समय भी अपेक्षाकृत विश्वसनीय माना जाता है। हालांकि, नींद के अलग-अलग चरणों (Sleep Stages) की ट्रैकिंग अभी पूरी तरह सटीक नहीं मानी जाती।

विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि AI और स्मार्टवॉच तकनीक तेजी से विकसित हो रही है, लेकिन यह डॉक्टर का विकल्प नहीं बन सकती। यदि स्मार्टवॉच किसी संभावित स्वास्थ्य समस्या का अलर्ट देती है, तो उसे केवल शुरुआती चेतावनी समझें। किसी भी तरह की दवा शुरू करने या इलाज का फैसला हमेशा डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Social Samvad Creator