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अभ्यर्थियों का आरोप : UPSC से भी हार्ड है जेटेट का सिलेबस, पांच फीसदी अभ्यर्थी भी पास नहीं कर पाएंगे परीक्षा

By Tamishree Mukherjee

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सोशल संवाद / रांची : झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) का फॉर्म भरने की प्रक्रिया चल रही है। अभ्यर्थी 26 अगस्त तक फॉर्म भर सकते हैं। इसे लेकर झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की ओर से सिलेबस जारी कर दिया गया है। लेकिन छात्र इस सिलेबस को लेकर उत्साहित नहीं दिख रहे हैं। उनका कहना है कि इस बार का सिलेबस यूपीएससी के सिलेबस से भी कठिन कर दिया गया है। छात्रों का कहना है कि 8 साल बाद जेटेट की परीक्षा ली जा रही है। 2016 के बाद 2024 मे परीक्षा आयोजित होने वाला है। लेकिन इसका सिलेबस यूपीएससी से भी हार्ड और बड़ा कर दिया गया है।

छात्रों का कहना है कि 1-5 के लिए जो स्टूडेंट्स इंटर में साइंस नही पढ़ा है उसके लिए एग्जाम और भी हार्ड हो जायेगा क्योंकि 11वीं और 12वीं का मैथ्स उसे पढ़ने के लिए दे दिया गया है। पहले अभ्यर्थियों को इवीएस पढ़ना होता था। एक पेपर जिसे अब सोशल साइंस कर दिया गया है। उसका सिलेबस दिया ही नहीं गया है। रीजनल पेपर का भी सिलेबस नहीं दिया गया है। वहीं, 6-8 में CTET सहित पूरे भारत में अन्य राज्यों में हिंदी या अंग्रेजी में ग्रामर और बच्चों को कैसे पढ़ाया जाए आता है।
झारखंड में 15 नंबर की हिंदी के लिए पूरा BA ऑनर्स का हिंदी,15 नंबर के लिए BA ऑनर्स का इंग्लिश दिया गया है। इसमे भी रीजनल पेपर का सिलेबस नहीं दिया गया है। अभ्यर्थियों का मानना है कि ऐसे सिलेबस में 5% स्टूडेंट्स भी परीक्षा पास नहीं कर पाएंगे। इसके साथ ही हरेक सेक्शन में सामान्य वर्ग के लिए 40% मार्क्स (यानी 30 में से 12 नंबर) लाना अनिवार्य कर दिया गया है।

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