सोशल संवाद/डेस्क: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होंगी। 10वीं की परीक्षा 11 मार्च तक और 12वीं की परीक्षा 10 अप्रैल तक चलेगी। भारत सहित 26 देशों में आयोजित होने वाली इन परीक्षाओं में इस वर्ष लगभग 46 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। जमशेदपुर में करीब 11 हजार स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे। सभी परीक्षा केंद्रों पर तैयारी पूरी कर ली गई है। फोर्ड ने स्टूडेंट्स को परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले एग्जाम सेंटर पर पहुंचने का निर्देश दिया है, ताकि जांच प्रक्रिया सुचारु रूप से की जा सके।
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सीबीएसई ने 2026 की परीक्षा में कई बदलाव की घोषणा की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा पहली बार 15 मई से आयोजित की जाएगी। इसके अलावा साइंस और सोशल साइंस के प्रश्नपत्रों को अलग-अलग सेक्शन में बांटा गया है। साइंस में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और सोशल साइंस में हिस्ट्री, जियोग्राफी, पॉलिटिकल साइंस व इकोनॉमिक्स को शामिल किया गया है।
14 तक प्रैक्टिकल और इंटरनल मार्क्स अपलोड करें स्कूल
सभी स्कूलों को 10वीं व 12वीं के प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट और इंटरनल असेसमेंट के अंक 14 फरवरी तक अपलोड करने का निर्देश है। इसे लेकर बोर्ड ने दूसरा रिमाइंडर जारी किया है। अब तक लगभग 30 फीसदी स्कूलों ने अंक अपलोड नहीं किए हैं।
शिक्षकों का डाटा आज शाम 4 बजे तक अपलोड करने का निर्देश
सीबीएसई ने सभी स्कूलों को कक्षा 11 व 12 में पढ़ाने वाले शिक्षकों का पूरा विवरण 13 फरवरी को शाम 4 बजे तक ओएसिस पोर्टल पर अपडेट करने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर मूल्यांकन प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास माना जाएगा।
10 दिनों में होगा मूल्यांकन कार्य
सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे शिक्षकों को समय पर मूल्यांकन कार्य के लिए रिलीव करें। जांच प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए नई गाइडलाइन भी जारी की गई है। इस बार शिक्षकों को अपेक्षाकृत कम उत्तरपुस्तिकाएं दी जाएंगी। बोर्ड ने 8 से 10 दिनों में मूल्यांकन कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मूल्यांकन पूरा होने के बाद शिक्षकों को वापस भेजने की जिम्मेदारी स्कूल के चीफ नोडल सुपरवाइजर की होगी।देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित स्कूल का रिजल्ट रोका जा सकता है।










