सोशल संवाद /डेस्क : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारी में सभी पार्टी जुट गईं हैं। मतदान दो चरणों में होना है। इससे पहले केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय ने 2400 कंपनियों को पश्चिम बंगाल में तैनात करने का फैसला लिया है। एक कंपनी में आमतौर पर 80–120 जवान होते हैं, यानी कुल मिलाकर लगभग 1.9 लाख से 2.9 लाख सुरक्षा कर्मी तैनात किए जा सकते हैं।

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तैनाती चरणों में की जा रही है और 17 अप्रैल 2026 तक सभी 2400 कंपनियां पहुंच जाएंगी। अभी तक करीब 480 कंपनियां पहले ही तैनात की जा चुकी हैं। मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होनी है। मतगणना 4 मई 2026 को होगी। इस भारी सुरक्षा व्यवस्था के पीछे मुख्य कारण चुनाव के दौरान हिंसा रोकना, संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी, फ्री और फेयर चुनाव सुनिश्चित करना है।
पिछले चुनावों और घटनाओं में राजनीतिक तनाव एवं हिंसा का इतिहास रहा है। मतदान खत्म होते ही लगभग 1700 कंपनियां वापस भेज दी जाएंगी। करीब 200 कंपनियां काउंटिंग (4 मई) तक रहेंगी। 500 कंपनियां लंबे समय तक राज्य में रहेंगी, ताकि पोस्ट-पोल हिंसा रोकी जा सके। यह अब तक की सबसे बड़ी केंद्रीय बलों की तैनाती मानी जा रही है। चुनाव आयोग सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त है। मतदान के दौरान हर जिले और संवेदनशील बूथ पर फोर्स की मौजूदगी सुनिश्चित की जा रही है।









