सोशल संवाद/डेस्क : रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के निर्देश पर तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। नए नियमों के लागू होने के बाद अब उपभोक्ताओं को अपनी मर्जी से गैस सिलिंडर नहीं मिल सकेगा, बल्कि तय समय सीमा के अनुसार ही अगली रिफिल उपलब्ध होगी।

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नई व्यवस्था के तहत, जिन उपभोक्ताओं के पास डबल कनेक्शन है, उन्हें अब एक सिलिंडर की डिलीवरी के बाद अगले सिलिंडर के लिए कम से कम 35 दिन का इंतजार करना होगा। वहीं, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए यह अवधि 45 दिन तय की गई है। यानी अब गैस की बुकिंग और डिलीवरी पूरी तरह समयबद्ध तरीके से होगी।
सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य गैस सिलिंडर की जमाखोरी को रोकना और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाना है। अक्सर देखा गया है कि कुछ उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा सिलिंडर बुक कर लेते हैं, जिससे अन्य लोगों को समय पर गैस नहीं मिल पाती। ऐसे में यह नया नियम संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा।
स्थानीय गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार, उन्हें इस संबंध में निर्देश मिल चुके हैं और जल्द ही यह व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह नियम सिर्फ अनावश्यक स्टॉकिंग को रोकने के लिए बनाया गया है।
इस बदलाव का असर बाजार में भी देखने को मिल रहा है। कई गैस एजेंसियों में बुकिंग पैटर्न बदल गया है। कुछ जगहों पर उपभोक्ता पहले से ही सिलिंडर लेने के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में बुकिंग की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर, पहले जहां एक एजेंसी में रोजाना करीब 2000 सिलिंडर की बुकिंग होती थी, अब यह घटकर 700-800 तक पहुंच गई है।
प्रशासन का मानना है कि जैसे-जैसे लोगों को नए नियमों की जानकारी मिलेगी, स्थिति सामान्य हो जाएगी। इसके साथ ही, सब्सिडी के दुरुपयोग पर भी लगाम लगेगी और गैस की किल्लत जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी।
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी जरूरत के अनुसार समय पर गैस की बुकिंग करें और अंतिम समय में परेशानी से बचें। आने वाले दिनों में यह नई व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी, जिससे गैस वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बन सकेगी।









